CEC ज्ञानेश कुमार के समर्थन में उतरी BJP

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भारतीय जनता पार्टी  ने मतदाता सूची संशोधन और विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर उपजे विवाद पर चुनाव आयोग का पुरजोर समर्थन किया है। विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग के बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस और समूचे विपक्षी धड़े पर तीखा हमला बोला है। सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष के इन आरोपों को पूरी तरह से "अधारहीन, शर्मनाक और चुनावी हार की हताशा" करार दिया है।

रविशंकर प्रसाद का कांग्रेस पर कड़ा प्रहार

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्ष के रवैये की कड़ी निंदा की: 

  • "शर्मनाक हैं आरोप": उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों से कांग्रेस और विशेष रूप से राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर लगाए जा रहे आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। 
  • सर्वसम्मति का हवाला: प्रसाद ने चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक प्रेस नोट का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) की मौजूदगी में बैठक हुई थी। उन्होंने कहा कि आयोग के दस्तावेज़ साबित करते हैं कि एसआईआर (SIR) से जुड़े सभी निर्णय पूर्ण सर्वसम्मति से लिए गए थे। 

अनुराग ठाकुर ने दी नसीहत: "हार का बहाना ढूंढ रहा है विपक्ष"

केंद्रीय नेता अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में संवाददाताओं से बात करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया: 

  • तथ्यहीन राजनीति: ठाकुर ने कहा कि बिना किसी ठोस तथ्य या आधिकारिक बयान के देश की शीर्ष चुनावी संस्था को निशाना बनाना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है। 
  • ईवीएम के बाद अब नया बहाना: उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी विपक्ष चुनाव हारता है, तो वह अपनी कमियों को छिपाने के लिए कभी ईवीएम (EVM) तो कभी चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने लगता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बहु-सदस्यीय संस्था के भीतर आंतरिक चर्चा और अलग-अलग राय रखना लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। 

संबित पात्रा की चुनौती: "हिम्मत है तो महाभियोग लाएं"

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संवित पात्रा ने इस मुद्दे पर विपक्ष को खुली चुनौती दी है: 

  • संसद में साबित करें: पात्रा ने कहा कि अगर विपक्ष के पास चुनाव आयोग के खिलाफ कोई वास्तविक सबूत है, तो वे सड़कों पर हंगामा करने के बजाय संसद के आगामी सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लेकर आएं।
  • अदालती फैसलों का सम्मान करें: उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया की कानूनी वैधता को सही ठहरा चुका है, इसलिए इस पर राजनीति करना न्यायपालिका का भी अनादर है। 

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