CJP नेताओं की रिहाई पर सख्त शर्तें, जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने पर भी प्रतिबंध

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विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अभिजीत डिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को इस सख्त शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है कि वे एक साल तक शांति और व्यवस्था नहीं बिगाड़ेंगे। तीनों नेताओं ने ₹50,000-₹50,000 का मुचलका  भरा, जिसके बाद आज रविवार सुबह दिल्ली छावनी पुलिस स्टेशन में लगभग 24 घंटे की निवारक हिरासत काटने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

दिल्ली पुलिस ने इन नेताओं को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था। धारा 126 मजिस्ट्रेट को शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा मांगने का अधिकार देती है, जबकि धारा 170 संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए निवारक गिरफ्तारी से संबंधित है।

निषेधाज्ञा का प्रतिबंध: कानूनी सलाहकारों ने पुष्टि की है कि ये शर्तें प्रभावी रूप से नेताओं को चल रहे "जंतर-मंतर 2.0" प्रदर्शन का नेतृत्व करने या उसमें भाग लेने से रोकती हैं, जब तक कि नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगी।
 


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