नागालैंड के किफिर जिले में दो समुदायों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के हिंसक रूप लेने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई, एक अन्य घायल हो गया और एक दर्जन से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, झड़प पुंग्रो उप-मंडल में तब शुरू हुई जब दोनों जनजातियों की मिश्रित आबादी वाले गांवों में तीखिर समुदाय के 'त्सोंगलक-न्यी' उत्सव का आयोजन किया जा रहा था। 

नागालैंड के किफिर में भड़की हिंसा, एक की मौत और दर्जनों परिवार बेघर

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नागालैंड के किफिर जिले में दो समुदायों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के हिंसक रूप लेने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई, एक अन्य घायल हो गया और एक दर्जन से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, झड़प पुंग्रो उप-मंडल में तब शुरू हुई जब दोनों जनजातियों की मिश्रित आबादी वाले गांवों में तीखिर समुदाय के 'त्सोंगलक-न्यी' उत्सव का आयोजन किया जा रहा था। 

विवाद की वजह: यिमखियुंग समुदाय के सदस्यों ने कथित तौर पर जोंगड़ और लोंगत्सुंगर गांवों में चल रहे उत्सव के कार्यक्रमों में बाधा डाली।
हताहत: इसके बाद लोंगत्सुंगर गांव में दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जिसमें तीखिर समुदाय के एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
बड़े पैमाने पर आगजनी: यह अशांति तेजी से पुंग्रो शहर, जोंगड़, लोंगत्सुंगर, पोकफुर और थुलिंकिउ गांवों में फैल गई। अकेले पुंग्रो शहर में आठ घरों में तोड़फोड़ की गई और छह को पूरी तरह जला दिया गया, जिससे दर्जनों परिवार बेघर हो गए। जोंगड़ गांव में करीब 40 घरों को निशाना बनाया गया, जिससे निवासियों को भागना पड़ा। रविवार सुबह थुलिंकिउ गांव में भी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की खबरें आईं।
 


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