‘संविधान को फाड़कर फेंक दिया गया, लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हो रहीं’ : राहुल गांधी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि देश में संविधान को फाड़कर फेंक दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष देश में लोकतंत्र की बहाली के लिए एकजुट होकर आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेगा। यह बयान उन्होंने नई दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास पर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं, सांसदों और छात्र संगठनों के लिए आयोजित एक विशेष बैठक के बाद हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया।

संस्थाओं के पतन का आरोप: सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में लोकतंत्र को नष्ट कर दिया गया है, चुनाव आयोग को खत्म कर दिया गया है और संविधान की धज्जियां उड़ा दी गई हैं।                                                                                                                                                                                                  
जंतर-मंतर पर पाबंदी का विरोध: उन्होंने दिल्ली के ऐतिहासिक विरोध स्थल जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए प्रतिबंधित किए जाने के सरकारी फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का एक प्रमुख माध्यम था और विपक्ष सरकार के इस तानाशाही कदम को अदालत में चुनौती देगा।                                         
जवाबदेही तय करने का संकल्प: राहुल गांधी ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचाने वाले इन लोगों को अंततः न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
 


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