GST रिफंड से लेकर पंजीकरण तक बदलाव, कारोबारियों को मिलेगी राहत

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देश में 1 नवंबर 2026 से GST प्रक्रिया से जुड़े कई नए सुधार लागू हो गए हैं। इनका उद्देश्य छोटे कारोबारियों, ई-कॉमर्स विक्रेताओं और निर्यातकों के लिए टैक्स अनुपालन आसान करना और रिफंड प्रक्रिया तेज करना है। नए प्रावधानों के तहत बहु-राज्य कारोबार करने वाले छोटे ऑनलाइन विक्रेताओं को साझा ई-कॉमर्स वेयरहाउस के जरिए GST पंजीकरण में राहत मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर रिफंड को स्वचालित किया गया है, जबकि निर्यात और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत 90% तक अनंतिम रिफंड की सुविधा दी गई है। इसके अलावा, सप्लाई के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट पर क्रेडिट नोट जारी करने के नियमों में ढील दी गई है। कुछ जैविक उर्वरकों और ट्रैक्टर के रीथ्रेडेड टायरों पर GST घटाकर 5% किया गया है। इन बदलावों से कारोबारियों की लागत और अनुपालन संबंधी परेशानियां कम होने की उम्मीद है।


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