परफॉरमेंस गारंटी की सड़क के क्षतिग्रस्त मिलने तथा खराब गुणवत्ता पर ठेकेदार और अधिकारियों को नोटिस जारी

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  • पीडब्लूडी ने की कार्रवाई, सड़कों की गुणवत्ता और अच्छे रखरखाव पर विभाग का जोर

लोक निर्माण विभाग ने परफॉमेंस गारंटी की सड़क के क्षतिग्रस्त मिलने एवं खराब गुणवत्ता पर कार्रवाई करते हुए ठेकेदार और अभियंताओं को नोटिस जारी किया है। विभाग को कबीरधाम जिले के 6.70 किमी लंबे ग्राम बानौ से कान्हाभैरा मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर विगत 27 अक्टूबर को लोक निर्माण विभाग के कवर्धा संभाग के कार्यपालन अभियंता,  बोड़ला उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी और उप अभियंता द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पूरी चौडाई एवं कुछ स्थानों पर सड़क के बांई ओर के हिस्से का धसकना पाया गया। इन्हें उखाड़कर पुनः जी.एस.बी. सतह से निर्धारित मापदण्डों के अनुसार सुधार की आवश्यकता है।

लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार मेसर्स कन्हैया लाल अग्रवाल को सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को सात दिनों के भीतर सुधार कर इनके फोटोग्राफ्स कार्यपालन अभियंता को प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया है। ठेकेदार द्वारा निर्धारित अवधि में सुधार कार्य नहीं करने पर अनुबंध के अनुसार ठेकेदार के रिस्क एण्ड कास्ट पर सुधार कराकर रोकी गई परफॉर्मेन्स गारंटी की राशि से भुगतान किया जाएगा, जिसके लिए ठेकेदार खुद जिम्मेदार होगा। उल्लेखनीय है कि ठेकेदार मेसर्स कन्हैया लाल अग्रवाल द्वारा 6.70 किमी लंबे ग्राम बानौ से कान्हाभैरा मार्ग (पुल-पुलियों सहित) का निर्माण इस साल फरवरी में पूर्ण किया गया था। यह सड़क फरवरी-2031 तक पांच वर्षों की परफॉरमेंस गारंटी में है।

तत्कालीन एसडीओ और उप अभियंता को भी नोटिस, कम्पेक्शन टेस्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश

लोक निर्माण विभाग ने विभागीय अधिकारियों द्वारा सड़क के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की अवधि में मार्ग का पर्याप्त कम्पेक्शन नहीं पाए जाने पर इसे कार्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता मानते हुए तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी श्री उमाप्रसाद जोशी और उप अभियंता श्री एल.आर. छत्तरे को नोटिस जारी किया है। विभाग ने दोनों अधिकारियों को कम्पेक्शन टेस्ट की विस्तृत रिपोर्ट कार्यपालन अभियंता को तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है। रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने पर इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता मानते हुए आरोप पत्र जारी कर विभागीय जाँच प्रस्तावित की जाएगी, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।


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