'हवाई यात्रा न करें', महंगे टिकटों पर तत्काल सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

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सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हवाई किरायों में कथित तौर पर 700% तक की बढ़ोतरी को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। दिवाली और साल के अंत के त्योहारी सीजन में टिकटों की कीमतों में भारी उछाल का हवाला देते हुए वकील ने जल्द सुनवाई की मांग की थी। इस पर न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने टिप्पणी की, "हवाई यात्रा न करें। अगला मामला।"

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता ने हवाई किरायों में मनमानी बढ़ोतरी को अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन बताया था।

यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन की जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें डायनेमिक प्राइसिंग और एयरलाइंस की अन्य नीतियों को चुनौती दी गई है। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि असामान्य परिस्थितियों में हवाई किरायों पर नियंत्रण के लिए नए नियम तैयार किए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को होगी।


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