रायपुर : पुलिस लाइन में 400 - 500 जवानों के भोजन को पकाने की व्यवस्था देखने जब babuaa.com की टीम पहुंची तो टीम स्तंभ रह गई कि आखिर कैसे कोई इंसानों को ऐसी जगह में बन रहा भोजन परोस सकता है, जहां शायद जानवरों का भी खाना ना बनाया जाए।

feature-top

रायपुर : पुलिस लाइन में 400 - 500 जवानों के भोजन को पकाने की व्यवस्था देखने जब babuaa.com की टीम पहुंची तो टीम स्तंभ रह गई कि आखिर कैसे कोई इंसानों को ऐसी जगह में बन रहा भोजन परोस सकता है, जहां शायद जानवरों का भी खाना ना बनाया जाए।

 जब babuaa.com ने खाना बनाने वाली जगह का निरीक्षण किया तो पाया कि बहुत छोटी सी जगह में तीन रसोईघर बनाए गए है, जिसमे अस्थाई टीन का पार्टीशन और रसोई घर में कॉकरोच व पसरी गंदगी, इन रसोईघर के साथ ही बजबजाती नाली और पीछे गंदे पानी से घुलते बर्तन व उनकी जूठन और सडी सब्जियों के ढेर से उठती सड़ांध। ऐसे में वहीं कुछ जवानों को भोजन करना पड़ता है और कुछ का डब्बा पैक होता है।

सालों से इसी गंदगी में बन रहा खाना

हमारी टीम द्वारा जब इन पुलिस जवानों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने अपना नाम जाहिर करने से इनकार करते हुए कहा कि यहां वे जब से आए हैं तब से गंदगी की हालत ऐसी ही बनी हुई है। नाली के पास ही बर्तनों को धोया जाता है एवं बदबू वाली जगह में खाना बनाया व परोसा जाता हैं।

क्यों नहीं उठ रही आवाज

विभागीय कार्यवाही न हो जाए इसलिए इसकी शिकायत न कर, जवान गंदगी में भोजन ग्रहण करना उचित समझते हैं।

 


feature-top