16 दिसंबर भारत -पाकिस्तान युद्ध में भारत की सबसे बड़ी जीत हुई थी। भारत के वीर जवानों ने दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।विजय गाथा का प्रतीक विजयंत टैंक रायपुर जीई रोड स्थित अनुपम गार्डन के पास मौजूद विजयंत टैंक ने युद्ध में प्रमुख भूमिका अदा की थी। यह भारत का पहला स्वदेशी टैंक है। सन 1965 से लेकर 2008 तक यह टैंक भारतीय फौज का हिस्सा रहा। सन 1971 की लड़ाई में इस टैंक का महत्वपूर्ण योगदान था। 39 हजार किलो वजनी यह टैंक 105 मिलीमीटर चौड़ा है, जिसमें 50 गोले रखे जा सकते हैं।इस टैंक से अलग- अलग तरह व साइज के गोले 44 से दो हजार राउंड तक फायर किए जा सकते हैं। तीन मीटर गहरी और दो मीटर चौड़ी खाई को फांदने वाला यह टैंक 530 किमी तक का सफर तय कर सकता है। इसकी अधिकतम स्पीड 50 किमी प्रति घंटा है।

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16 दिसंबर भारत -पाकिस्तान युद्ध में भारत की सबसे बड़ी जीत हुई थी। भारत के वीर जवानों ने दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।विजय गाथा का प्रतीक विजयंत टैंक रायपुर जीई रोड स्थित अनुपम गार्डन के पास मौजूद विजयंत टैंक ने युद्ध में प्रमुख भूमिका अदा की थी। यह भारत का पहला स्वदेशी टैंक है। सन 1965 से लेकर 2008 तक यह टैंक भारतीय फौज का हिस्सा रहा। सन 1971 की लड़ाई में इस टैंक का महत्वपूर्ण योगदान था। 39 हजार किलो वजनी यह टैंक 105 मिलीमीटर चौड़ा है, जिसमें 50 गोले रखे जा सकते हैं।इस टैंक से अलग- अलग तरह व साइज के गोले 44 से दो हजार राउंड तक फायर किए जा सकते हैं। तीन मीटर गहरी और दो मीटर चौड़ी खाई को फांदने वाला यह टैंक 530 किमी तक का सफर तय कर सकता है। इसकी अधिकतम स्पीड 50 किमी प्रति घंटा है।


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