नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन के बीच मंगलवार, 19 जनवरी को होने वाली 10वें दौर की वार्ता टल गई है। अब किसानों और केंद्र सरकार के बीच अगले दौर की वार्ता 20 जनवरी को आयोजित की जाएगी। बता दें कि पिछले डेढ़ महीने से भी अधिक समय से हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे। किसानों की समस्या के समाधान के लिए अभी तक सरकार किसान संगठनों से कई दौर की वार्ता कर चुकी है।लेकिन सभी बैठकें बेनतीजा रहीं। कृषि कानूनों पर किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच नौवें दौर की वार्ता 15 जनवरी को हुई थी। हालांकि पिछली सभी वार्ताओं की तरह नौवीं बैठक भी बेनतीजा रही और किसान नेता कृषि कानूनों को रद्द किए जाने पर अड़े रहे। इस बीच सरकार की तरफ से लगातार किसानों को कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव दिया गया। किसानों ने सरकार के किसी भी प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया। बता दें कि दुनिया भर से भारी समर्थन मिलने के बाद किसानों का उत्साह बढ़ा है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी किसानों का धरना प्रदर्शन जारी।

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नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन के बीच मंगलवार, 19 जनवरी को होने वाली 10वें दौर की वार्ता टल गई है। अब किसानों और केंद्र सरकार के बीच अगले दौर की वार्ता 20 जनवरी को आयोजित की जाएगी। बता दें कि पिछले डेढ़ महीने से भी अधिक समय से हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे। किसानों की समस्या के समाधान के लिए अभी तक सरकार किसान संगठनों से कई दौर की वार्ता कर चुकी है।लेकिन सभी बैठकें बेनतीजा रहीं। कृषि कानूनों पर किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच नौवें दौर की वार्ता 15 जनवरी को हुई थी। हालांकि पिछली सभी वार्ताओं की तरह नौवीं बैठक भी बेनतीजा रही और किसान नेता कृषि कानूनों को रद्द किए जाने पर अड़े रहे। इस बीच सरकार की तरफ से लगातार किसानों को कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव दिया गया। किसानों ने सरकार के किसी भी प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया। बता दें कि दुनिया भर से भारी समर्थन मिलने के बाद किसानों का उत्साह बढ़ा है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी किसानों का धरना प्रदर्शन जारी।


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