आज बसंत पंचमी है, बसंत पंचमी का त्‍योहार उत्तर भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है।आज बसंत पंचमी के दिन व‍िद्या की देवी सरस्‍वती का जन्‍म हुआ । इसलिए इस दिन सरस्‍वती पूजा का व‍िधान है।इस दिन कई लोग प्रेम के देवता काम देव की पूजा भी करते हैं। किसानों के लिए इस त्‍योहार का विशेष महत्‍व है। बसंत पंचमी पर सरसों के खेत लहलहा उठते हैं। चना, जौ,ज्‍वार और गेहूं की बालियां ख‍िलने लगती हैं।इस दिन से बसंत ऋतु का प्रारंभ होता है। यूं तो भारत में छह ऋतुएं होती हैं, लेकिन बसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। इस दौरान मौसम सुहाना हो जाता है और पेड़- पौधों में नए फल-फूल पल्‍लवित होने लगते हैं।

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आज बसंत पंचमी है, बसंत पंचमी का त्‍योहार उत्तर भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है।आज बसंत पंचमी के दिन व‍िद्या की देवी सरस्‍वती का जन्‍म हुआ । इसलिए इस दिन सरस्‍वती पूजा का व‍िधान है।इस दिन कई लोग प्रेम के देवता काम देव की पूजा भी करते हैं। किसानों के लिए इस त्‍योहार का विशेष महत्‍व है। बसंत पंचमी पर सरसों के खेत लहलहा उठते हैं। चना, जौ,ज्‍वार और गेहूं की बालियां ख‍िलने लगती हैं।इस दिन से बसंत ऋतु का प्रारंभ होता है। यूं तो भारत में छह ऋतुएं होती हैं, लेकिन बसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। इस दौरान मौसम सुहाना हो जाता है और पेड़- पौधों में नए फल-फूल पल्‍लवित होने लगते हैं।

बसंत पंचमी की तिथि और शुभ मुहूर्त 

बसंत पंचमी की तिथि: 16 फरवरी 2021

पंचमी तिथि प्रारंभ - 16 फरवरी 2021 को सुबह 03 बजकर 36 मिनट से 

पंचमी तिथि समाप्‍त - 17 फरवरी 2021 को दोपहर 05 बजकर 46 मिनट तक

सरस्वती पूजा का शुभ मुहुर्त - 16 फरवरी 2021 को सुबह 06:59 से दोपहर 12:35 मिनट 


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