रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 36 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। यह कर्ज 18 दिसंबर 2018 से 30 जनवरी 2021 के बीच में लिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 36170 करोड़ की राशि विभिन्न एजेंसियों से कर्ज के रूप में लिया है। इनमें बाजार ऋण, ग्रामीण अधोसंरचना मद, जीएसटी ऋण, विश्व बैंक से लिया गया है। आरबीआई से बाजार ऋण के रूप में 32080 करोड़ का ऋण लिया गया। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जवाब के अंतर को लेकर तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग भी विपक्ष में थे और सवाल करते थे, लेकिन जवाब को गलत नहीं कहते थे।

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रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 36 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। यह कर्ज 18 दिसंबर 2018 से 30 जनवरी 2021 के बीच में लिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 36170 करोड़ की राशि विभिन्न एजेंसियों से कर्ज के रूप में लिया है। इनमें बाजार ऋण, ग्रामीण अधोसंरचना मद, जीएसटी ऋण, विश्व बैंक से लिया गया है। आरबीआई से बाजार ऋण के रूप में 32080 करोड़ का ऋण लिया गया। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जवाब के अंतर को लेकर तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग भी विपक्ष में थे और सवाल करते थे, लेकिन जवाब को गलत नहीं कहते थे।

भाजपा विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने मस्तूरी क्षेत्र में खनिज न्यास निधि से आवंटित राशि की जानकारी मांगी है। सवाल में कहा कि विभागों को किस-किस कार्य के लिए कितनी राशि आवंटित की गई है। कार्य एजेंसी किसे बनाया गया है। कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।

जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 9269, कृषि विभाग द्वारा 1135, उद्यानिकी विभाग द्वारा 3077 हितग्राहियों को लाभांन्वित किया गया है। इसके बाद कृष्णमूर्ति बांधी ने मस्तूरी में डीएमएफ का मामला उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद डीएमएफ में जनप्रतिनिधियों को सदस्य बनाया। राशि खर्च करने के लिए गाइडलाइन तय की गई है। उसी के अनुरूप समितियों से राशि अर्जित की जाती है। हमने समिति में विधायकों के साथ सरपंचों को भी रखा है।


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