कभी घर -आंगन में चहकने वाली गौरैया बेशक मौजूदा वक्त में कम नजर आती हो,लेकिन रायपुर में अभी इसने प्रजनन क्षमता नहीं खोई है। राजधानी की राज्य पक्षी को अगर रहने के लिए प्राकृतिक घरौंदा मिल जाए तो वह दोबारा रायपुर की शान बन सकती है।

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कभी घर -आंगन में चहकने वाली गौरैया बेशक मौजूदा वक्त में कम नजर आती हो,लेकिन रायपुर में अभी इसने प्रजनन क्षमता नहीं खोई है। राजधानी की राज्य पक्षी को अगर रहने के लिए प्राकृतिक घरौंदा मिल जाए तो वह दोबारा रायपुर की शान बन सकती है।


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