बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर से सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर विचार कर रही है। इसको परखने के लिए सबसे पहले ब्राह्मणों की नब्ज पर हाथ रखने की कवायद शुरू की गई है। इसके लिए ब्राह्मण सम्मेलनों से आगाज करने की तैयारी की गई है। बसपा फिर उसी नारे को जिंदा करने की कोशिश कर रही है कि 'ब्राह्मण शंख बजाएगा हाथी बढ़ता जाएगा।'

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बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर से सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर विचार कर रही है। इसको परखने के लिए सबसे पहले ब्राह्मणों की नब्ज पर हाथ रखने की कवायद शुरू की गई है। इसके लिए ब्राह्मण सम्मेलनों से आगाज करने की तैयारी की गई है। बसपा फिर उसी नारे को जिंदा करने की कोशिश कर रही है कि 'ब्राह्मण शंख बजाएगा हाथी बढ़ता जाएगा।'


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