- Home
- टॉप न्यूज़
- अन्य
- तालिबान और भारत के संबंध
तालिबान और भारत के संबंध
भारत के अब तक तालिबान के साथ सीधी बातचीत शुरू न करने की बड़ी वजह ये रही है कि भारत अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय मिशनोंपर हुए हमलों में तालिबान को मददगार और ज़िम्मेदार मानता था..
भारत में 1999 में IC-814 विमान के अपहरण की बात और उसके बदले जैश-ए -मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, अहमद ज़रगर और शेख अहमद उमर सईद को छोड़ने की याद अब भी ताज़ा है.
भारत का तालिबान के साथ बात न करने का एक और बड़ा कारण ये भी रहा है कि ऐसा करने से अफ़ग़ान सरकार के साथ उसके रिश्तों में दिक्क़त आ सकती थी जो ऐतिहासिक रूप से काफ़ी मधुर रहे हैं. लेकिन अब स्थिति बदल गई है
लेकिन ताज़ा घटनाक्रम के बाद, भारत क्या करेगा? इस पर अभी सरकार की ओर से कोई बयान नहीं आया है
सच्चाई ये है कि पिछले कुछ सालों में भारत सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान में पुनर्निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं में लगभग तीन अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है. संसद से लेकर सड़क और बाँध बनाने तक कई परियोजनाओं में सैकड़ों भारतीय पेशेवर काम कर रहे हैं
अफ़ग़ानिस्तान में लगभग 1700 भारतीय रहते हैं.पिछले कुछ दिनों में काफ़ी लोगों के अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने की खबरें आई है.इसके अलावा तकरीबन 130 यात्रियों के साथ इंडिया का एक विमान रविवार को भारत लौटा है. ख़बरों के मुताबिक़ अब काबुल एयरपोर्ट से सभी कमर्शियल फ़्लाइट रद्द कर दी गई हैं.
About Babuaa
Categories
Contact
0771 403 1313
786 9098 330
babuaa.com@gmail.com
Baijnath Para, Raipur
© Copyright 2019 Babuaa.com All Rights Reserved. Design by: TWS
- ज़रा हटके
- टॉप न्यूज़
- एंटरटेनमेंट
- लाइफस्टाइल
- विचार
- ऐतिहासिक
- खेल
- राजनीति
- देश-विदेश
- फोटोज़
- वीडियोस
- लेख
- संपादक की पसंद
- Research
- DPR Chhattisgarh
- West Bengal Election Result Update
- Assam Election Result Update
- Tamilnadu Election Result Update
- Kerala Election Result Update
- Puducherry Election Result Update
- राज्य
