जांजगीर-चांपा जिले के आमगांव, जैजैपुर निवासी  'अगर घुंघराले' प्रदेश में पहली से आठवीं तक के पाठ्यक्रमों में दिए जा रहे हैं जनरल प्रमोशन को बंद करने एवं पांचवी व आठवीं को बोर्ड परीक्षा में शामिल करने की मांग को लेकर राजधानी के धरना स्थल पर बीते छह दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर है।

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जांजगीर-चांपा जिले के आमगांव, जैजैपुर निवासी  'अगर घुंघराले' प्रदेश में पहली से आठवीं तक के पाठ्यक्रमों में दिए जा रहे हैं जनरल प्रमोशन को बंद करने एवं पांचवी व आठवीं को बोर्ड परीक्षा में शामिल करने की मांग को लेकर राजधानी के धरना स्थल पर बीते छह दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर है।

babuaa.com से बातचीत के दौरान 'अगर घूंगराले' ने कहा कि, “जनरल प्रमोशन वाली शिक्षा नीति बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारक है। बच्चों के मन में फेल होने का तनिक भी भय नहीं है। क्योंकि उन्हें मालूम है कि वह अच्छे से पढ़ाई नहीं करेंगे तभी अगली कक्षा में पदोन्नति मिल ही जाएगी, इसलिए बच्चों के माता-पिता भी सही ढंग से पढ़ाई करने के लिए उन पर दबाव नहीं बनाते हैं। यही कारण है कि कक्षा नवमी एवं दसवीं में परिणाम अनुकूल नहीं होने के कारण ज्यादातर बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं। इसलिए बच्चों के बेहतर शिक्षा के लिए वे अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर अकेले बैठे हैं।" क्या मिलेगा समर्थन या पूरी होंगी मांग?


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