संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। इस सत्र के भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। एक ओर जहां विपक्ष सरकार को बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, कर्मचारी भविष्य निधि पर ब्याज दर में कटौती और यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने समेत कई मुद्दों पर घेरेगा, वहीं सरकार के एजेंडे पर बजटीय प्रस्तावों पर मंजूरी लेना और जम्मू-कश्मीर के लिए बजट पेश करना पहली प्राथमिकता होगी। 

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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। इस सत्र के भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। एक ओर जहां विपक्ष सरकार को बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, कर्मचारी भविष्य निधि पर ब्याज दर में कटौती और यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने समेत कई मुद्दों पर घेरेगा, वहीं सरकार के एजेंडे पर बजटीय प्रस्तावों पर मंजूरी लेना और जम्मू-कश्मीर के लिए बजट पेश करना पहली प्राथमिकता होगी। 

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को ही जम्मू-कश्मीर के लिए बजट पेश करेंगी और इस पर भोजनावकाश के बाद चर्चा कराई जा सकती है। सरकार ने संविधान संशोधन (अनुसूचित जनजाति) आदेश बिल को भी लोकसभा में विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया है। विदेशमंत्री एस जयशंकर इस सत्र में यूक्रेन के हालात और भारत के रुख पर बयान दे सकते हैं। 

बजट सत्र का दूसरा चरण ऐसे समय में हो रहा है, जब चार दिन पहले ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने और पंजाब में आम आदमी पार्टी ने शानदार जीत हासिल की है। ऐसे में सरकार भी विपक्ष के आरोपों का पुरजोर जवाब देगी और जनादेश के दम पर विपक्षी दलों को घेरने की कोशिश करेगी।


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