छत्तीसगढ़ में जनजाति सुरक्षा मंच ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक पत्र लिखकर धर्मांतरण करने वाली जनजातियों का आरक्षण खत्म करने की मांग की है। जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय संयोजक भोमराज नाग ने कहा कि, ऐसे लोग जो आदिवासी धर्म और संस्कृति को छोड़कर दूसरे धर्म में जाते हैं, तो उन्हें आरक्षण का लाभ न दिया जाए। मूल आदिवासियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता है। जबकि धर्मांतरण किए लोग आरक्षण में हिस्सा ले लेते हैं। इसका मूल आदिवासियों को बहुत नुकसान होता है।

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छत्तीसगढ़ में जनजाति सुरक्षा मंच ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक पत्र लिखकर धर्मांतरण करने वाली जनजातियों का आरक्षण खत्म करने की मांग की है। जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय संयोजक भोमराज नाग ने कहा कि, ऐसे लोग जो आदिवासी धर्म और संस्कृति को छोड़कर दूसरे धर्म में जाते हैं, तो उन्हें आरक्षण का लाभ न दिया जाए। मूल आदिवासियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता है। जबकि धर्मांतरण किए लोग आरक्षण में हिस्सा ले लेते हैं। इसका मूल आदिवासियों को बहुत नुकसान होता है।

उन्होंने कहा कि, 20 प्रतिशत धर्म परिवर्तित आदिवासी 80 प्रतिशत आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। इसके विपरीत 80 प्रतिशत मूल जनजाति आदिवासियों को सिर्फ 20 प्रतिशत ही आरक्षण का लाभ मिल रहा है। भोमराज ने कहा कि ऐसे कई लोग जो धर्म परिवर्तन किए हैं वे लोग छटी, मरनी, दाह संस्कार जैसे कार्यक्रमों में जाते हैं और वहां लोगों को धर्म परिवर्तित करने समाज को तोड़ने की कोशिशों में लगे रहते हैं। बस्तर में भी वर्ग संघर्ष की स्थित बन रही है।


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