हसदेव अरण्य में कोयला खनन परियोजन की स्वीकृति के खिलाफ चल रहे अनिश्चितकालीन धरना स्थल ग्राम हरिहरपुर, जिला सरगुजा में आज दिनांक 6 जून 2022 को ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री श्री टी एस सिंह देव जी पहुंचे। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सहित विभिन्न पदाधिकारी शामिल हुए। ग्रामीणों ने अपनी बात रखते ग्राम घाटबर्रा के सरपंच जयनंदन पोर्ते ने कहा कि अनिश्चिकालीन धरने पर बैठे हुए आज हमे 96 दिन हो गए हैं। हमारी ग्रामसभाओं के विरोध के बावजूद कोयला खनन परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। हरिहरपुर के बालसाय कोर्राम ने कहा कि हम अपने जंगल जमीन का विनाश नही चाहते, महोदय आप हमारी रक्षा कीजिए और खनन परियोजन को रद्द करवाइए। ग्रामीणों ने कहा कि सभी गांव के सरपंच और पंच यहां मौजूद हैं। प्रशासन द्वारा किसी भी ग्रामीण से फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव की जांच हेतु बयान नही लिया गया। जांच हेतु कोई अधिकारी गांव में नही आया, फिर कलेक्टर कैसे कह रहे है कि जांच हो गई है और ग्रामसभा सही है। प्रशासन निष्पक्ष कार्यवाही नही कर रहा है। सभी की बातों को सुनने के बाद मंत्री टी एस सिंह देव जी ने कहा कि आज पूरी दुनिया कोयले से बिजली बनाने के बजाए वैकल्पिक ऊर्जा पर जा रही है । केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2030 तक कोयला आधारित बिजली के उत्पादन को आधा करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस स्थिति में हसदेव जैसे जंगलों का विनाश नही होना चाहिए। कोयला ऐसी जगहों से भी निकाला जा सकता है जहां जंगल नही है। उन्होंने कहा कि आज मेने देखा कंपनी के लोग ग्राम बासेंन में खदान के समर्थन में गाड़ियों में भरकर प्रभावित क्षेत्र से बाहर के लोगों को लेकर आए थे मुझसे मिलवाने जो मुझे ठीक नही लगा और नाराजगी व्यक्त की। सिंह देव जी ने कहा कि गांव के लोग एकराय रहे तो आपकी जमीन कोई नही ले सकता है । यदि आप एक राय है तो में आपके जंगल जमीन बचाने की लड़ाई में पहली गोली खाने तैयार हूं। फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि जब गांव के लोग लगातार विरोध कर रहे है, इसका साफ मतलब है कि उन्होंने पहले भी खनन की सहमति नही दी थी । फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव की प्रशासन को उच्च अधिकारी भेजकर निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका आंदोलन आज सिर्फ हरिहरपुर नहीं बल्कि पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। मुझे गुजरात के कांग्रेस के पदाधिकारियों ने बताया कि वहां के आदिवासी हसदेव पर उनसे सवाल पूछ रहे है।

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हसदेव अरण्य में कोयला खनन परियोजन की स्वीकृति के खिलाफ चल रहे अनिश्चितकालीन धरना स्थल ग्राम हरिहरपुर, जिला सरगुजा में आज दिनांक 6 जून 2022 को ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री श्री टी एस सिंह देव जी पहुंचे। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सहित विभिन्न पदाधिकारी शामिल हुए। ग्रामीणों ने अपनी बात रखते ग्राम घाटबर्रा के सरपंच जयनंदन पोर्ते ने कहा कि अनिश्चिकालीन धरने पर बैठे हुए आज हमे 96 दिन हो गए हैं। हमारी ग्रामसभाओं के विरोध के बावजूद कोयला खनन परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। हरिहरपुर के बालसाय कोर्राम ने कहा कि हम अपने जंगल जमीन का विनाश नही चाहते, महोदय आप हमारी रक्षा कीजिए और खनन परियोजन को रद्द करवाइए। ग्रामीणों ने कहा कि सभी गांव के सरपंच और पंच यहां मौजूद हैं। प्रशासन द्वारा किसी भी ग्रामीण से फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव की जांच हेतु बयान नही लिया गया। जांच हेतु कोई अधिकारी गांव में नही आया, फिर कलेक्टर कैसे कह रहे है कि जांच हो गई है और ग्रामसभा सही है। प्रशासन निष्पक्ष कार्यवाही नही कर रहा है। सभी की बातों को सुनने के बाद मंत्री टी एस सिंह देव जी ने कहा कि आज पूरी दुनिया कोयले से बिजली बनाने के बजाए वैकल्पिक ऊर्जा पर जा रही है । केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2030 तक कोयला आधारित बिजली के उत्पादन को आधा करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस स्थिति में हसदेव जैसे जंगलों का विनाश नही होना चाहिए। कोयला ऐसी जगहों से भी निकाला जा सकता है जहां जंगल नही है। उन्होंने कहा कि आज मेने देखा कंपनी के लोग ग्राम बासेंन में खदान के समर्थन में गाड़ियों में भरकर प्रभावित क्षेत्र से बाहर के लोगों को लेकर आए थे मुझसे मिलवाने जो मुझे ठीक नही लगा और नाराजगी व्यक्त की। सिंह देव जी ने कहा कि गांव के लोग एकराय रहे तो आपकी जमीन कोई नही ले सकता है । यदि आप एक राय है तो में आपके जंगल जमीन बचाने की लड़ाई में पहली गोली खाने तैयार हूं। फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि जब गांव के लोग लगातार विरोध कर रहे है, इसका साफ मतलब है कि उन्होंने पहले भी खनन की सहमति नही दी थी । फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव की प्रशासन को उच्च अधिकारी भेजकर निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका आंदोलन आज सिर्फ हरिहरपुर नहीं बल्कि पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। मुझे गुजरात के कांग्रेस के पदाधिकारियों ने बताया कि वहां के आदिवासी हसदेव पर उनसे सवाल पूछ रहे है।


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