राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि संसद में व्यवधान का आम आदमी के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि संसद अपने जोखिम पर ही अपनी जिम्मेदारी का त्याग कर सकती है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि संसद में निरंतर रुकावट कार्यकारी जवाबदेही की कमी और न्यायिक अतिरेक का रास्ता दे सकती है।

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राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि संसद में व्यवधान का आम आदमी के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि संसद अपने जोखिम पर ही अपनी जिम्मेदारी का त्याग कर सकती है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि संसद में निरंतर रुकावट कार्यकारी जवाबदेही की कमी और न्यायिक अतिरेक का रास्ता दे सकती है।


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