Vikash Kumar

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की दूरदर्शिता, त्वरित फैसले और मजबूत इरादे के साथ बेहतर प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना की दूसरी लहर को त्रासदी में तब्दील होने से पहले ही थाम लिया। कोरोना के प्रकोप को रोकने में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों से लेकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों , आंगनवाडी कार्यकर्ताओं,सहायिकाओं सहित सभी विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया । यही वजह है कि आज छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रफ्तार मंद पड़ गयी है। बेहतर प्रबंधन और उपचार के चलते कोरोना संक्रमित मरीजों की रिकवरी भी तेजी से होने लगी है। मुख्यमंत्री ने राज्य में शहरी इलाकों के साथ-साथ गांव में तेजी से पांव पसारते कोरोना की रोकथाम के लिए लक्षण वाले मरीजों को कोरोना टेस्टिंग के रिजल्ट का इंतजार किए बिना निःशुल्क घर-पहुंच कोरोना दवा किट उपलब्ध कराने के फैसले का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया ,जिसका सार्थक परिणाम देखने और सुनने को मिला। कोरोना संक्रमित मरीज गंभीर स्थिति में जाने से बचने लगे। इससे हॉस्पिटल में बेड न मिलने की स्थिति बेकाबू होने से रुक गयी।

26 May 2021 09:35AM,
by: Vikash Kumar
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कोरोना महामारी के बीच छात्रों का भविष्य भी दांव पर लगा है। सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से 25 मई तक सुझाव मांगे थे। केंद्र सरकार की अपील के बाद कई राज्यों ने केंद्र सरकार को सुझाव भेजे हैं। जिसमें दिल्ली और महाराष्ट्र का मानना है कि कोरोना महामारी के बीच परीक्षा को टाल देना ही सही विकल्प है। वहीं अब 12वीं के 297 छात्रों ने मुख्य न्यायधीश को चिट्ठी लिखकर इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने की गुहार लगाई है। छात्रों ने कहा कि फिजिकली परीक्षा कराना छात्रों और टीचर्स की सुरक्षा के लिए खतरा होगा। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि राज्यों के सुझाव की समीक्षा के बाद 1 जून तक परीक्षा की तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा।

26 May 2021 07:05AM,
by: Vikash Kumar