नई दिल्ली: भारत में पिछले कई दिनों से कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में कोरोना मामलों में उछाल देखने को मिल रहा है। सोमवार बीते दिन में 42,909 नए मामले सामने आए हैं। हालांकि ये आंकड़ा पिछले दिन के मुकाबले घटा है।
30 Aug 2021 08:09AM,by: Naveen kumar sahu
इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच के लिए टीम का ऐलान कर दिया है। इंग्लैंड टीम ने दो बदलाव किए हैं। साकिब महमूद की जगह क्रिस वोक्स और जॉस बटलर की जगह सैम बिलिंग्स को टीम में जगह मिली है। लीड्स टेस्ट में भारत को इंग्लैंड ने एक पारी और 76 रन से हरा कर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है।
30 Aug 2021 08:09AM,by: Naveen kumar sahu
कृष्ण कैसे किसी एक के हो सकते है? कृष्ण तो बाल है गोपाल है,सखा है, प्रेम है, बंधुत्व है,मार्गदर्शक है, गुरु है गोविंद है, प्रबंध है और न जाने क्या क्या है।इतने विराट कि उनके तेज़ को देखा नही जा सकता इतने पराक्रमी कि अकेले ही महाभारत हरा जीता सकते है बिना किसी अस्त्र शस्त्र उठाये बगैर? ऐसे में व्यक्तिगत कृष्ण की बात असहज लग सकती है और लगना भी चाहिए। मेरे लिये कृष्ण एक सहज उपलब्ध व्यक्ति भी औऱ व्यक्तित्व भी।हर व्यक्ति के जन्म के साथ ही कृष्ण का जन्म होता है क्योंकि जितने भी भगवान को हमने जाना है सुना है वे सम्पूर्ण व्यक्ति थे उनके कार्य ही इतने सराहनीय हुए होंगे कि वे ईश्वर स्वरूप बन गए होंगे लेकिन कृष्ण तो जन्मे भी और बड़े भी हुए।वे नटखट भी थे और परिस्थितियों को भांपने वाले थे। एक बच्चा जितनी शरारत कर सकता है उतना उन्होंने भी किया। संदीपन के शिष्य बने तो आदर्श विद्यार्थी बनने के साथ सहपाठी भी बने। मित्रता की तो निभाया।प्रेम किया तो संदर्भ बदल दिया।प्रेम में समानता तो होती है लेकिन सद्भावना की मिसाल उन्होंने कायम की। प्रेम में निश्छलता उनका गुण रहा इस कारण वे देवकी, यशोदा राधा,मीरा,सुभद्रा, द्रोपदी सहित रुक्मिणी जैसी महिलाओ के आदर्श भी रहे।
दुनियां में उनके जैसा प्रबधंक कोई नही रहा। वे युद्ध मे भी शांति के अंतिम अवसर की संभावना को टटोलते रहे।युद्ध अनावश्यक लगा तो युद्ध छोड़ दिया। सहायता के लिए वे समग्र रहे। सबकी मदद की। यही कारण था कि वे कौरव पांडव को अपने दरबार से खाली हाथ न जाने नहीं दिया वे सशक्त थे लेकिन अशक्त सुदामा हो द्रोपदी या भीष्म या द्रोण या कर्ण या कुंती सभी को मौके पर मदद कर वे सभी के तारणहार बने
।युद्ध की अपरिहार्यता पर वे सारथी बने और मार्गदर्शक भी। नीति भी सिखाया अनीति भी । युद्ध शक्ति से नहीं बुद्धि भी जीता जाता है।
ऐसे कृष्ण तो सभी के है
मेरे कृष्ण इन सबसे जुदा है।मेरे कृष्ण मुझे सामर्थ्य देते है।मेरा अपना मानना है हर व्यक्ति का अपना कुरुक्षेत्र होता है।हर व्यक्ति खुद में एक महाभारत लड़ता है।हर व्यक्ति के भीतर एक महाभारत चलता है,हर व्यक्ति के इर्दगिर्द भीष्म,द्रोण कर्ण विदुर होते है, तो धृतराष्ट्र,शकुनि दुर्योधन, अस्वस्थामा, जयद्रथ , दुःशासन भी होते है। इन सबसे दो चार होना पड़ता है। मेरे कृष्ण मेरे साथ होते है।प्रबंधन के साथ, प्रबंधक बनकर
सभी को मेरे कृष्ण जन्म की शुभकामनाएं मेरे कृष्ण!
30 Aug 2021 07:00AM, by: Babuaa Desk
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर युवा एवं खेल संगठन आरंग द्वारा विभिन्न खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । सभी खेलो में से हैंडबाल का फ़ाइनल मैच काफ़ी रोमांचक रहा जो अरुंधति देवी शासकीय विद्यालय के मैदान पर आरंग और मोवा(रायपुर) के बीच खेला गया। जिसमे आरंग ने मोवा को 26 - 18 गोल के अंतर से हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
30 Aug 2021 05:48AM,by: Naveen kumar sahu
About Babuaa
Categories
Contact
0771 403 1313
786 9098 330
babuaa.com@gmail.com
Baijnath Para, Raipur
© Copyright 2019 Babuaa.com All Rights Reserved. Design by: TWS
- ज़रा हटके
- टॉप न्यूज़
- एंटरटेनमेंट
- लाइफस्टाइल
- विचार
- ऐतिहासिक
- खेल
- राजनीति
- देश-विदेश
- फोटोज़
- वीडियोस
- लेख
- संपादक की पसंद
- Research
- DPR Chhattisgarh
- West Bengal Election Result Update
- Assam Election Result Update
- Tamilnadu Election Result Update
- Kerala Election Result Update
- Puducherry Election Result Update
- राज्य






