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ओलंपिक खेल शुरू होने से पहले भारत ने जिन बेटियो ने से उम्मीद किया था उनमे एक शूटर भी थी जिसे हम सब मनु भाखर के नाम से जानते है। मनु प्रतिभाशाली है और प्रतिभासंपन्न भी। अपने किशोरावस्था से ही उन्होंने बड़ी सफलता देखी है वे विश्व स्तरीय शूटिंग स्पर्धा में स्वर्णपदक की कतार लगा चुकी है। टोक्यो ओलम्पिक में वे सफल नही हुई। उनके पिस्टल ने साथ नही दिया। तकनीकी कारणों से वे 10 मीटर पिस्टल में फाइनल में जगह नही बना सकी। वे पराजित हो गयी यही से उनका आत्मविश्वास डगमगा गया ।वे हर स्पर्धा में पिछ्ड़ते गयी। ओलंपिक खेल की मूल भावना है खेल भावना सबसे महत्वपूर्ण भावना है। पदक तो किसी क निराश नहीं होना मनु

30 Jul 2021 12:22PM,
by: Vikash Kumar