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इस्तीफा और आपराधिक कार्रवाई: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तुरंत इस्तीफा हो। साथ ही, उन पर और उन राजनीतिक आकाओं पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए, जिनके इशारे पर कथित तौर पर मतदाता सूची से नाम हटाए गए। सीजेपी का दावा है कि इस प्रक्रिया में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। चुनावों पर रोक और जनवरी 2025 की सूची की बहाली: जारी विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया को तुरंत फ्रीज किया जाए और आगामी सभी राज्यों के विधानसभा चुनावों पर रोक लगाई जाए। संगठन की मांग है कि जनवरी 2025 की मतदाता सूची को दोबारा बहाल किया जाए और सुप्रीम कोर्ट सबूतों को नष्ट होने से बचाने के लिए एसआईआर से जुड़ी सभी फाइलों को अपने कब्जे में ले। 2023 के नियुक्ति कानून को रद्द करना: चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को पूरी तरह निरस्त किया जाए। सीजेपी का कहना है कि संस्था में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए एक पारदर्शी नया कानून बनाया जाना चाहिए, जिसमें नागरिक समाज (सिविल सोसाइटी) की भी भागीदारी हो।

24 Sep 2026 10:59AM,
by: Babuaa Desk