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उत्तर प्रदेश: विनोद तावड़े महाराष्ट्र: बैजयंत 'जय' पांडा (प्रभारी), अमित मालवीय (सह-प्रभारी) बिहार: हरीश द्विवेदी पश्चिम बंगाल: सुनील बंसल मध्य प्रदेश: डॉ. महेंद्र सिंह (प्रभारी), सतीश उपाध्याय (सह-प्रभारी) तमिलनाडु: राम माधव राजस्थान: संजय भाटिया (प्रभारी), कविता पाटीदार व कुलजीत सिंह चहल (सह-प्रभारी) कर्नाटक: हरीश द्विवेदी (प्रभारी), कसम वेंकटेश्वरलू (सह-प्रभारी) गुजरात: तरुण चुघ (प्रभारी), अजय महावर व गोमती साय (सह-प्रभारी) आंध्र प्रदेश: वी. मुरलीधरन ओडिशा: डी. पुरंदेश्वरी तेलंगाना: सुनील बंसल केरल: एम. नागराजा (प्रभारी), एम. वेंकटेशन (सह-प्रभारी) झारखंड: डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी असम: हरीश द्विवेदी पंजाब: सतीश पूनिया छत्तीसगढ़: स्मृति ईरानी हरियाणा: स्मृति ईरानी (प्रभारी), भोला सिंह (सह-प्रभारी) हिमाचल प्रदेश: श्रीकांत शर्मा (प्रभारी), दर्शना सिंह (सह-प्रभारी) उत्तराखंड: राम माधव त्रिपुरा: राजदीप रॉय मेघालय: नलिन कोहली मणिपुर: संबित पात्रा नागालैंड: अनिल एंटनी गोवा: प्रकाश जावड़ेकर अरुणाचल प्रदेश: अशोक सिंघल मिजोरम: देवेश कुमार सिक्किम: दिलीप जायसवाल दिल्ली: विनय सहस्रबुद्धे (प्रभारी), जामयांग त्सेरिंग नामग्याल (सह-प्रभारी) जम्मू और कश्मीर: सतीश पूनिया लद्दाख: राजकुमार भाटिया चंडीगढ़: दुष्यंत कुमार गौतम पुडुचेरी: डॉ. निर्मला किशोर अंडमान और निकोबार: वाई. सत्य कुमार दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव: वाई. सत्य कुमार लक्षद्वीप: अरविंद मेनन झारखंड: डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी आंध्र प्रदेश: वी. मुरलीधरन ओडिशा: डी. पुरंदेश्वरी गोवा: प्रकाश जावड़ेकर त्रिपुरा: राजदीप रॉय मेघालय: नलिन कोहली मणिपुर: संबित पात्रा मिजोरम: देवेश कुमार अरुणाचल प्रदेश: अशोक सिंघल सिक्किम: दिलीप जायसवाल लद्दाख: राजकुमार भाटिया चंडीगढ़: दुष्यंत कुमार गौतम पुडुचेरी: डॉ. निर्मला किशोर अंडमान और निकोबार & दादरा-दमन: वाई. सत्य कुमार लक्षद्वीप: अरविंद मेनन

23 Sep 2026 11:16AM,
by: Babuaa Desk
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छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश में धान की खेती के क्षेत्रफल का सटीक, पारदर्शी और तकनीक-आधारित आकलन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आज यहाँ मंत्रालय महानदी भवन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता सेटेलाइट-आधारित मैपिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और भू-स्थानिक डेटा के बेहतर समन्वय से राज्य की धान उपार्जन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से किया गया है। गैर-जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्रों की मैपिंग विशेष रूप से वन अधिकार अधिनियम के तहत आबंटित भू-भागों और डुबान क्षेत्रों में स्थित ऐसे कृषि क्षेत्रों की पहचान कर उनकी जीआईएस आधारित पॉलीगॉन लेयर तैयार की जाएगी, जो वर्तमान में डिजिटल रूप से मैप नहीं हैं। 

23 Sep 2026 09:57AM,
by: Babuaa Desk