latest

Generic placeholder image

केरल के तीन विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलरों (कुलपतियों) के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक वैचारिक संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने पर राज्य में सियासी घमासान शुरू हो गया है। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी.डी. सतीसन ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे एक "गंभीर चूक" करार दिया है। विपक्ष का आरोप है कि कुलपतियों जैसे उच्च प्रशासनिक और शैक्षणिक पदों पर बैठे व्यक्तियों का एक विशिष्ट राजनीतिक और वैचारिक संगठन के मंच पर जाना उच्च शिक्षा के भगवाकरण के प्रयासों को बल देता है। वी.डी. सतीसन का मानना है कि विश्वविद्यालयों के प्रमुखों को पूरी तरह गैर-पक्षपाती और स्वतंत्र होना चाहिए, ताकि अकादमिक स्वतंत्रता बनी रहे।

15 Jun 2026 05:39AM,
by: Babuaa Desk
Generic placeholder image

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगातार होने वाला उतार-चढ़ाव, विदेशी मुद्रा विनिमय दर (फॉरेक्स रेट) में अस्थिरता और देश में कम या असमान बारिश भारत की आर्थिक स्थिरता और विकास दर के लिए तीन बड़े जोखिम हैं। चूँकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों का बढ़ना सीधे तौर पर देश में महंगाई और व्यापार घाटे को बढ़ाता है। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में आने वाला बदलाव आयात को महंगा बनाता है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डालता है।

15 Jun 2026 05:39AM,
by: Babuaa Desk