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बारदाने के जुगत मे आम किसान भटकते नज़र आ रहे है, समर्थन मूल्य पर 1दिसंबर से धान खरीदी शुरू हो गई है, इसी बीच बारदाने की कमी किसानों के लिए बड़ा मुद्दा सामने आ गया है। शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी के लिए किसान को अपने धान बेचने के लिए 25 फीसदी बारदाने की खुद से व्यवस्था करनी है और बाकी बारदाने समितियों से मिलेगी। यह शर्त ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान खरीदी तो शुरू हो गई, लेकिन बारदाने की कमी अभी भी खत्म नहीं हो पा रही है । धान खरीदी केंद्र समितियों में महज 5 दिन के लिए ही बारदाने उपलब्ध हैं। यह समस्या जल्द खत्म नहीं होने पर धान खरीदी प्रभावित हो सकती है, जो कि किसानों के लिए एक बड़ी समस्या है। बारदाने के जुगत मे किसान परेशान

04 Dec 2021 10:58AM,
by: Imran Khan