खेल

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 1971 का साल देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी की जगह क्रिकेट को लेने के लिए याद किया जा सकता है क्योंकि देश तो 1932 से क्रिकेट खेल रहा था लेकिन ध्यानचंद के रहते तक देश जब ओलंपिक खेलों में गोल्ड मैडल की कतार लगाए हुए था तब कोई सोच भी कैसे सकता था? 1971 के पहले देशहमारा देश विदेश में हारने या ड्रा कराने जाता था। 1971 के वेस्टइंडीज दौरे में अजित वाडेकर की टीम में 21 साल का एक ओपनर बैट्समैन भी शामिल हुआ था नाटा था कद में, पहला टेस्ट खेल नही सका लेकिन दुसरे टेस्ट से लेकर पांचवे टेस्ट के खत्म होने की स्थिति आयी तो भारत के लोग हॉकी से क्रिकेट प्रेमी बनने के ट्रांसफॉर्मेशन के दौर में आना शुरू कर चुके थे। भारत देश मे क्रिकेट को अगर आम भारतीयों के नस नस मे बहाने का श्रेय अगर किसी को जाता है तो वो इस लिटिल मास्टर को जाता है जिसे सारी दुनियां सुनील मनोहर गावस्कर या सनी गावस्कर के नाम जानती है। सुनील मन को हरने वाले मनोहर गावस्कर

14 Mar 2021 10:01AM,
by: Thaneshwar sahu
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कुछ टेनिस खिलाड़ी ऐसे है जो किसी कोर्ट विशेष के मास्टर होते है। अपने पसंदीदा कोर्ट में उनके सामने कोई नही टिक पाता है अब नोवाक जोकोविच को ही ले लीजिए वे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आते है तो ये मान के चलना पड़ता है कि इस बार फाइनल में उनसे हारने के लिए कौन खिलाड़ी होगा? इस बार रूस के डेनियल मेंदवेदेव सामने थे। 9 वी बार जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत के एकाधिकार ही रखा है। जहां तक किसी एक ओपन ग्रेंड स्लैम जीतने की बात है तो राफेल नाडाल ने फ्रेंच ओपन में 13 बार जीत हासिल कर रिकार्ड बनाया हुआ है। फ्रेंच ओपन में नाडाल एकाधिकार रखते है उनको भी फ्रांस में कोई हरा नहीं पाता है। तीसरे खिलाड़ी रोजर फेडरर है जिनके पास विम्बलडन औऱ अमेरिकी ओपन में सबसे अधिक बार क्रमशः 8 औऱ 5 बार जीतने का रिकार्ड है। ये तीनो खिलाड़ी 58 बार ऑस्ट्रेलियन, फ्रेंच, विम्बलडन औऱ अमेरिकी ओपन ग्रेंड स्लेम जीतने का कीर्तिमान अपने पास रखे है। फेडरर औऱ नाडाल 20-20 बार और नोवाक जोकोविच 18 बार चारो ग्रेंड स्लेम जीते हुए है। नोवाक जोकोविच याने ऑस्ट्रेलियन ओपन विजेता

22 Feb 2021 02:50AM,
by: Babuaa Desk