09 Mar 2024

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बीजापुर-पोटाकेबिन आवापल्ली में हुई आगज़नी में एक मासूम बच्ची लिप्सा की जलकर मौत को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने इसे बड़ी लापरवाही बताया है। पत्रकारों से चर्चा करते सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जग्गू तेलामी ने बताया कि पोटाकेबिन अच्छी योजना है लेकिन इसका इस्तेमाल अधिकारी भ्रष्टाचार करने और मात्र पैसे कमाने के लिए कर रहे हैं। अधिकारियों के लिए पोटाकेबिन धुधारू गाय बन गई है। सालों से चार दीवारी के नाम पर बांस के टट्टे में सैकड़ों हज़ारों बच्चों को रखकर बच्चों के हक़ों के पैसों पर डाका डालने का खेल खेला जा रहा है। जबकि 15 साल बाद ये बांस के टट्टे अब बारूद और आग में घी का काम कर रहे हैं। गुणवत्ता हीन व्यवस्थाओं के बीच एक ही बिस्तर पर तीन तीन बच्चों को सुलाया जा रहा है। आगज़नी के दौरान अधीक्षिका की ग़ैर मौजूदगी भी कई लापरवाही और संदेहों को जन्म देती है। सर्व आदिवासी समाज ने कहा कि बच्ची जिस 10 नंबर कमरे में सो रही थी वहाँ का दरवाज़े का लॉक ख़राब था। चौकीदार भी नदारद था। अग्निशमन भी पोटाकेबिन से ग़ायब था। अधीक्षिका भी पोटाकेबिन में आगज़नी के बाद पहुँची थी। 15 साल पहले बने बांस के ढाँचो में 10 हज़ार से ज़्यादा बच्चों को रखा जा रहा है। बांस के बने ये चादर सड़ने लगे हैं। जो आग में घी और बारूद का काम करते हैं। इससे ज़ाहिर होता है कि सिर्फ़ पोटाकेबिन को अधिकारियों ने दुधारू गाय बनाकर रखा है। सर्व आदिवासी समाज ने मृतिका लिप्सा को 50 लाख मुआवजे के साथ परिवार को नौकरी देने की माँग की है। सर्व आदिवासी समाज ने माँग की है अब आदिवासी बच्चों का शोषण बंद होना चाहिए और अब छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुख्यमंत्री को इन बच्चों के लिए पूर्ण रूप से पक्के इमारत बनायें जायें और विशेषज्ञ शिक्षकों की भर्ती करके गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार दिलाने का काम करना चाहिए। अधिकारियों के लिए धुधारू गाय है पोटाकेबिन - सर्व आदिवासी समाज।

09 Mar 2024 06:25AM,
by: Alanga rao
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बीजापुर 10वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षाएँ जारी हैं। छात्र तन मन धन से पढ़ाई में लगे हैं लेकिन बीजापुर ज़िले में कुछ ऐसे भी बच्चे हैं जो विषयवार विद्वान शिक्षकों से महरूम है। वजह ये है कि अब वे व्याख्याता सर और मैडम आधीक्षकी कार्य में सालों से व्यस्त हैं। जिसका ख़ामियाज़ा बीजापुर ज़िले के आदिवासी बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। बीजापुर ज़िले में ऐसे व्याख्याता जिन्हें पढ़ाई से अलग करके मनपसंद मलाईदार अधीक्षक कार्य से पृथक कर यथावत भेजने की माँग कलेक्टर, मंत्री और राज्यपाल से सर्व आदिवासी समाज ने की है। बीजापुर ज़िले के हायर सेकेंडरी और हाई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी के चलते कई बच्चे गणित इंगलिश जैसे ज़रूरी विषयों की क्लासेस से वंचित हो रहे हैं। जिसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है।

09 Mar 2024 06:25AM,
by: Alanga rao