12 Apr 2021

Generic placeholder image

एक रिपोर्ट के अनुसार, चल रहे टीकाकरण अभियान के साथ, भारतीयों ने या तो रिश्तेदारों की यात्रा करने के लिए एक झुकाव व्यक्त किया है या कोविड -19 के कम प्रभाव वाले गंतव्यों पर छुट्टियां ले रहे हैं। यह घरेलू, यद्यपि पूर्व-कोविड स्तरों की ओर बढ़ रहा है, यात्रा खंड में एक पलटाव का संकेत देता है।
800 से अधिक लोगों के नमूने का सर्वेक्षण केअनुसार - 18 से 54 वर्ष के बीच के पेशेवरों और छात्रों ने टीयर I और II शहरों में निवास किया - ने कहा कि 56% पहले ही जनवरी 2021 और 43% के अंत तक यात्रा कर चुके थे जल्द ही यात्रा करने के लिए तैयार हैं। जिन लोगों ने यात्रा की है, उनमें से 82% ने फिर से यात्रा करने की इच्छा व्यक्त की। लेकिन दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अपने दम पर सावधानी बनाए रखने की भावना है।

12 Apr 2021 01:28PM,
by: Babuaa Desk
Generic placeholder image

रायपुर(अनिल वाधवा) के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को कोविड-19 सेंटर बनाकर रायपुर : आरटीआई कार्यकर्ता और काँग्रेस नेता संजीव अग्रवाल ने रायपुर और प्रदेश में बढ़ते हुए कोरोना के आंकड़ों के मद्देनजर मीडिया के माध्यम से प्रदेश की भूपेश सरकार को यह सुझाव दिया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 100 से ज्यादा कमरे हैं और 12 गेट भी हैं जिन्हें अगर सरकार चाहे तो एक सुनियोजित तरीके से कोविड-19 सेंटर के रूप में तब्दील करके इस्तेमाल कर सकती है। क्योंकि जहां एक तरफ राजधानी में सरकारी व निजी अस्पतालों में कोविड-19 के मरीज़ों के लिए ऑक्सीजन बेड की कमी साफ़ दिखाई दे रही है तो वहीं दूसरी तरफ रोजाना कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इसे देखते हुए सरकार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को कोविड-19 सेंटर बना देना चाहिए। यही नहीं रायपुर के कृषि विश्वविद्यालय में भी बड़े-बड़े हॉल खाली हैं। उन्हें भी कोविड-19 सेंटर बनाकर अस्पतालों में आने वाली बिस्तरों की समस्या से निजात पाना चाहिए। अगर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री इस और ध्यान देते हैं तो यकीनन प्रदेश में और खासकर राजधानी में अस्पतालों में होने वाली बिस्तरों की समस्याओं से जल्द से जल्द निजात मिलेगा क्योंकि अस्पतालों में बिस्तर बिस्तर ना होने के कारण ऐसे मरीज जिन्हें कोविड-19 नहीं है वह भी परेशान हो रहे हैं। साथ ही पैथोलॉजी सेंटर में भी इसका असर पड़ रहा है।

12 Apr 2021 12:53PM,
by: निखिल वाधवा
Generic placeholder image

कोण्डागांव, आज से कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा के निर्देश पर जिले की सभी अंतरराज्यीय एवं अंतर जिला सीमाओं को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया है। अब कोंडागांव जिले में प्रवेश के रास्तों में बैरिकेडिंग कर आने-जाने वाले सभी वाहनों को रोककर उनकी कोरोना जांच की जा रही है। इसके लिए केशकाल के राजस्व विभाग, पुलिस विभाग एवं नगर पंचायत के अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर कोविड-19 जांच की व्यवस्था की गई है। इसके लिए आज एसडीएम डीडी मंडावी के नेतृत्व में एसडीओपी अमित पटेल, तहसीलदार राकेश साहू एवं नगर पंचायत सीएमओ नामेश्वर कावड़े द्वारा नगर में बसस्टैंड के समीप कोरोना की सघन जांच कराई गयी। जहां उत्तर दिशा से जिले में प्रवेश करने वाले सभी बस यात्रियों तथा चारपहिया वाहनों की जांच की गई। आज निरीक्षण में कुल 211 लोगो की जांच में 07 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जिन्हें उपचार के लिए भेज दिया गया। इस संबंध में एसडीएम श्री मंडावी ने बताया कि आज वाहनों की जांच की जानी प्रारम्भ की गई है। अब प्रतिदिन 24 घण्टे कोरोना जांच की व्यवस्था की जा रही है। इसके द्वारा प्रशासन का यह प्रयास है कि कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों की जल्द से जल्द पहचान कर उनका इलाज कराया जाए ताकि गंभीर परिस्थितियों के उत्पन्न होने के पूर्व लोगों का इलाज संभव हो सके। सभी जिले में प्रवेश कर जिले में ही रुकने वाले यात्रियों का एंटीजन टेस्ट सीमा पर ही कर लिया जाएगा एवं आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए भी नमूने भी ले लिए जाएंगे। इस जांच में एंटीजन पॉजिटिव पाए जाने पर तुरंत क्वारेंटाइन किया जाएगा साथ ही आरटीपीसीआर टेस्ट के साथ यात्री की मूलभूत जानकारी भी ली जावेगी। आरटीपीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर तुरंत व्यक्ति को होम आइसोलेशन या चिकित्सालय में भर्ती करने की व्यवस्था की जाएगी। कोण्डागांव जिले के सभी सीमाओं को भी किया गया सील

12 Apr 2021 12:52PM,
by: Thaneshwar sahu