23 Apr 2021

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महासमुंद /  रायपुर से प. बंगाल लौट रही कार  ट्र्क से जा टकराई | इस सड़क हादसे में कार सवार पिता पुत्र की मौके पर ही मौत हो गयी है। वहीं कुछ लोग घायल है, जिनका इलाज स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक घटना सरायपाली के सिंघोडा थाना क्षेत्र की है। गुरूवार की रात रायपुर से सात लोग कार में सवार होकर प. बंगाल लौट रहे थे। इस दौरान सरायपाली के नेशनल हाईवे के पास उनकी कार को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार के परखच्चे उड़ गये। वहीं इस घटना में कार सवार पिता सुमित जाना, पुत्र आयुष जाना की मौके पर ही मौत हो गयी। वहीं पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। मृतक टिकरापारा में रहता था और ज्वेलरी शाॅप में कारिगर का काम करता था। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंची हुई थी। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भिजवाकर मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। फिलहाल पुलिस ट्रक ड्रायवर को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है।

23 Apr 2021 05:14PM,
by: Babuaa Desk
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प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों की वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत गृहमंत्री शामिल कोरोना नियंत्रण की व्यवस्था व टीकाकरण की समीक्षा समेत महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। वही बैठक में जानकारी दी गई की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशानिर्देश पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु मुख्यमंत्री सहायता कोष से अबतक जिला कलेक्टरों को कुल 73 करोड़ 53 लाख रुपये की राशि आबंटित की गई है। वही वर्तमान में मुख्यमंत्री सहायता कोष में 53 करोड़ 88 लाख 5 हजार रुपये रुपये की सहायता राशि जमा हैं । मुख्यमंत्री सहायता कोष में उपलब्ध राशि का उपयोग कोरोना पीड़ितो को सहायता एवम उपचार में उपयोग किया जा रहा है।

23 Apr 2021 05:14PM,
by: Babuaa Desk
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बलौदाबाजार :कोरोना की दूसरी लहर से जिले में मौत की संख्या में एकाएक इज़ाफा दर्ज किया गया है। प्रतिदिन लगभग 10 लोग काल-कवलित हो रहे हैं। दूसरी लहर के पिछले सप्ताह में हुई मौत के आंकड़ों ने प्रशासन की चिन्ता बढ़ा दी है। जिले में अब तक कोरोना से 238 लोगों की मौत हो चुकी है। जिला प्रशासन ने मौत सहित कोरोना के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। जिसमें प्रमुख तथ्य यह उभरकर सामने आया है कि मरीज़ बीमारी के अंतिम अवस्था में अस्पताल पहुंच रहे हैं। उनकी मौत अस्पताल में भरती के दिन ही अथवा इसके दूसरे दिन रिकार्ड की गई है। इनका कारण यह हो सकता है कि शुरुआत में वे लक्षणों को छुपा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर झोला-छाप डॉक्टरों से इलाज करवा रहे होते हैं। जब स्थिति अत्यंत गंभीर एवं नियंत्रण से बाहर होने लगती है तब वे अस्पताल की ओर रुख करते हैं। तब तक विशेषज्ञ डॉक्टरों के हाथों से भी मामला निकल चुका होता है। ऐसी हालात नहीं आने देने की अपील जिला कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने की है।  अस्पताल में देरी से पहुंचना कोरोना से मौत का प्रमुख कारण

23 Apr 2021 05:03PM,
by: Thaneshwar sahu