26 Dec 2020

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कोरबा : किसी भी मौसम में सब्जियों के रोग रहित और हेल्दी थरहा उपलब्ध कराने के मामले में कोरबा जिले के पताढ़ी और पंडरीपानी की दो सीडलिंग युनिट किसानों के लिए अलादीन का चिराग साबित हो रहीं हैं। इन दोनो युनिटों से अभी तक दो लाख से अधिक सब्जियों के थरहा तैयार कर किसानों को वितरित कर दिए गए हैं। इन दोनों युनिटों के शुरू हो जाने से कोरबा ही नहीे बल्कि आसपास के सीमावर्ती जिलों जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरिया के सब्जी उत्पादक किसानों की थरहा लगाकर उसे सहेजने की चिंता और मेहनत अब खत्म हो गई है। सीडलिंग युनिटों से किसानों को सब्जी और मसाला वर्गीय फसलों के थरहा केवल साठ पैसे की लागत पर मिल रहे हैं और उन्हें थरहा लगाने, पानी देने, खाद-दवा आदि के साथ-साथ थरहा के देखरेख की झंझट से छुटकारा मिल गया है। इन युनिटों के पूरी तरह शुरू हो जाने के बाद जिले मंे कम लागत में सब्जियों का उत्पादन भी बढ़ गया है। कोरबा विकासखण्ड के पताढ़ी और कटघोरा विकासखण्ड के पण्डरीपानी की सरकारी उद्यानिकी नर्सरियों में यह अत्याधुनिक मिनी प्लग टाईप सीडलिंग उत्पादन इकाईयाॅं शुरू की गई हैं। इन दोनो युनिटों में टमाटर, बैगन, हरी मिर्च, फूल गोभी, पत्ता गोभी के साथ-साथ करेला और लौकी जैसी सब्जियों के थरहा भी बन रहे हैं। डीएमएफ फण्ड से साठ-साठ लाख रूपये की लागत से स्थापित इन दोनों यूनिटों में किसान को सब्जी एवं मसाला वर्गीय फसलों की नर्सरी बहुत कम लागत में तैयार करने की सुविधा मिल रही है। किसान सब्जियों एवं मसाला फसलों की नर्सरी तैयार करने के लिए स्वयं का बीज लेकर नर्सरी में आ रहे हैं।

26 Dec 2020 04:28AM,
by: Thaneshwar sahu