Babuaa Desk

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श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ शासन द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत 45 अनुसूचित नियोजनों, कृषि नियोजन एवं अगरबत्ती नियोजन में कार्यरत श्रमिकों के लिये महंगाई भत्ते का निर्धारण लेबर ब्यूरो शिमला द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर वर्ष में दो बार (01 अप्रैल एवं 01 अक्टूबर) किया जाता है।
श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ शासन श्रीमती अलरमेल मंगई डी. द्वारा विभिन्न अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत् श्रमिकों के लिये 01 अक्टूबर 2024 से परिवर्तनशील मंहगाई भत्ता निर्धारित की गई है। लेबर ब्यूरों शिमला से प्राप्त औद्योगिक सूचकांक में जनवरी 2024 से जून 2024 के मध्य 2.40 बिन्दु की औसत वृद्धि हुई तदनुसार प्रति बिन्दु 20/- रूपये के मान से 45 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में प्रतिमाह 48/- रूपये की वृद्धि की गई।
कृषि नियोजन में कार्यरत श्रमिकों हेतु लेबर व्यूरो शिमला से प्राप्त सूचकांक में 29 बिन्दु की औसत वृद्धि होने से 5/- रूपये प्रति बिन्दु के मान से 145/- रूपये प्रतिमाह परिवर्तशील महंगाई भत्ते में वृद्धि की गई। अगरबत्ती उद्योग में नियोजित श्रमिकों हेतु उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि के आधार पर परिवर्तनशील महंगाई भत्ते 7.21 रूपये प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण में निर्धारित की गई। किसी तम्बाखू (जिसमें बीड़ी बनाना भी सम्मिलित है) विनिर्माण में नियोजित श्रमिकों हेतु उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि के आधार पर परिवर्तनशील महंगाई भत्ते 28.30 रूपये प्रति हजार बीड़ी के मान से निर्धारित की गई।
उक्त परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में वृद्धि उपरांत अधिसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों को 01अक्टूबर 2024 से 31मार्च 2025 तक न्यूनतम वेतन की दरें निम्नानुसार देय होगी।
अनुसूचित सामान्य नियोजन के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन की दरें निम्नानुसार है -
 

26 Sep 2024 05:22AM,
by: Babuaa Desk
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 छत्तीसगढ़ के देश के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में पांचवा स्थान प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा रोजगार सृजन के क्षेत्र में किए गए ठोस प्रयासों का यह सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा है कि आज हमने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। यह सर्वेक्षण भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) द्वारा किया गया है।
हमारी सरकार ने प्रदेश में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। खासतौर पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित किया है। जिसके कारण हमारा छत्तीसगढ़ अब बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ चुका है, जो कम बेरोजगारी दर के मामले में राज्य की बड़ी सफलता को दर्शाता है। निश्चित ही यह प्रदेश के लिए गौरवान्वित करने वाला पल है। समस्त छत्तीसगढ़वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।

26 Sep 2024 05:22AM,
by: Babuaa Desk