Imran Khan

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यूपी के चित्रकूट जेल में पिछले साल हुए एनकाउंटर और यूपी में एनकाउंटर को बढ़ावा देने पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बैलेस्टिक एक्सपर्ट, फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट, कमीशन ऑफ इंक्वायरी रिपोर्ट कोर्ट और याचिकाकर्ता को देने का निर्देश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से रिपोर्ट्स पर अपना जवाब दो हफ्ते में दाखिल करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई नवंबर के आखिरी हफ्ते में हो यूपी सरकार ओर से वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि चित्रकूट मामले में इंक्वायरी हुई है, जिनका एंकाउंटर चित्रकूट में हुआ. वह अपराधी थे और उनपर कई आपराधिक मामले पहले से ही चल रहे थे. याचिकाकर्ता वकील ने कहा कि राज्य की हिंसा की नीति रोकी जानी चाहिए. क्योंकि सीएम विधानसभा में एंकाउंटर को लेकर बयान देते हैं. न्यायिक जांच में कई तथ्यों पर ध्यान नहीं दिया गया, इसमें स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. मैं यूपी का रहने वाला हूं और राज्य की एंकाउंटर नीति से चिंतित हूं. चित्रकूट में जिन तीन लोगों को मारा गया, वह फर्जी एंकाउंटर था, इसलिए स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है.

31 Oct 2022 01:19PM,
by: Imran Khan