Vikash Kumar

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अदाणी फाउंडेशन ने तमनार में जारी सीएसआर के कार्यो के अंतर्गत विद्यार्थियों केा मेडिकल तथा इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए निःशुल्क कोचिंग की शुरूवात करने जा रहा है। तमनार विकासखंड के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र व शासकीय स्कूल के प्रतिभावान विद्यार्थीयों के सपनों को पूरा करने राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे आईआईटी/जेईई/एनईईटी इत्यादि में उचित मार्गदर्शन व कोचिंग के लिए अदाणी फाउंडेशन विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद के से संबंधित विषयों की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग आगामी दो वर्षो तक उपलब्ध करवाएगा। साथ ही काचिंग के लिए अध्ययन केंद्र की स्थापना 30 कम्प्यूटर, इंटरनेट सुविधा के साथ की जा रही है जिसे महामारी के बाद शासन से छूट के मिलते ही इसी केंद्र से दिया जाएगा। कोचिंग के लिए विकासखंड स्तर पर 30 प्रतिभावान विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा जिसके चयन की प्रक्रिया हेतु कक्षा 11 वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों को दिये गए लिंक https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdQULNz41s0hVi2n88t4SrgdltOMmFV6W9zdl3TrvSboY-edw/viewform. पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। पंजीयन की अंतिम तिथि जून 30 है। चयन परीक्षा में सामान्य ज्ञान तथा मानसिक योग्यता के सवाल पूछे जाएंगे। इसका आयोजन जुलाई 11 दिन रविवार को व चयन सूची जुलाई 15 को घोषित की जाएगी। चयनित छात्रों की कक्षाएं अगस्त 1 से प्रारंभ होगी जिसमें सभी को संबंधित विषयों की अध्ययन सामग्री,नोट्स आदि भी निःशुल्क दिया जाएगा। अदाणी फाउंडेशन की यह पहल स्थानिक विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा में निश्चित ही मील का पत्थर साबित होगा। 

19 Jun 2021 03:30PM,
by: Vikash Kumar
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पूरी दुनिया मौजूदा समय में चल रही कोविड-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुई है। कोविड-19 संक्रमण के दौरान मरीज में होने वाले लक्षणों की गंभीरता का पता समय पर नहीं चलने पर यह जीवन के लिए खतरा पैदा कर देता है। संक्रमित मरीजों की त्वरित परीक्षण प्रक्रिया में एंटीजन परीक्षण शामिल है जो थोड़े समय के भीतर लिए गए सैकड़ों नमूनों का परिणाम प्रदान करता है। इस तरह के रैपिड टेस्ट को हमारे देश के नागरिकों के लिए सुलभ और आसानी से उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के प्रयास सराहनीय हैं। कई नवोन्मेषक और उद्यमी सटीक, सस्ती और सुलभ परीक्षण किट विकसित करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं ताकि न केवल स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसे कठिन समय में आसानी से जांच कर पता लगाने के लिए सहायता प्रदान की जा सके बल्कि भारत में जैव प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा दिया जा सके।

19 Jun 2021 12:22PM,
by: Vikash Kumar