Vikash Kumar

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देश की आधी आबादी में प्रेरणास्पद, प्रेरणादायक औऱ प्रेरणास्रोत महिलाओं के नामो की फेहरिस्त बनाई जाए तो मैं किरण बेदी को प्रमुखता से स्थान देना चाहूंगा । आज़ादी से पहले और बाद में बहुतेरी महिलाओं के नाम राजनीति में आये,चिकित्सा के क्षेत्र में आये, लेखिका के रूप में भी चर्चित हुए लेकिन महिलाओं को शासकीय सेवाओ वह भी पुलिस जैसे दुःसाहसिक विभाग में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी के रूप में चयनित होना वह भी प्रथम महिला के रूप में तो सचमुच ये मानना पड़ेगा कि किरण बेदी में जुनून का स्तर बहुत ही ऊंचा था। कपड़ा विक्रय करनेवाले परिवार की लड़कियों के लिए पढ़ाई आज से 60 साल पहले बहुत मायने रखता था बावजूद इसके किरण बेदी ने पढ़ाई को अपना लक्ष्य बनाया और महज 22 साल की उम्र में वे देश की पहली आईपीएस अफसर बनकर ये सिद्ध कर दिया कि दुनियां में याद सिर्फ पहले को किया जाता है। उसके बाद केवल अनुशरण कर्ता ही होते है। किरण बेदी, महिलाओं के लिए एक मिसाल बनी और प्रेरणास्त्रोत भी कि महिलाएं भी पुरुषसत्तात्मक समाज मे अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकती है।  किरण बेदी याने एक आंधी

10 Jun 2021 03:37AM,
by: Vikash Kumar
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गेहूं की खरीद वर्तमान रबी विपणन सत्र 2021-22 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर राज्यों में सुचारु रूप से जारी है, जिस तरह से पिछले सत्रों में होती रही है। अब तक (08.06.2021 तक) 418.47 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है (जो कि अब तक की खरीद का सबसे उच्चतम स्तर है, क्योंकि इसने आरएमएस 2020-21 के पिछले उच्च स्तर 389.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद के आंकड़े को पार कर लिया है), जबकि पिछले साल की इसी समान अवधि में 373.22 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। लगभग 46.00 लाख किसान मौजूदा रबी विपणन सत्र में एमएसपी मूल्यों पर हुए खरीद कार्यों से लाभान्वित हो चुके हैं और उन्हें 82,648.38 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

10 Jun 2021 02:14AM,
by: Vikash Kumar
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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत की सीएम ममता बनर्जी के साथ बैठक हुई. सीएम ममता बनर्जी ने किसान के आंदोलन का पूरा समर्थन किया। विधानसभा में प्रस्ताव लाकर भी समर्थन किया है. सीएम ममता बनर्जी ने कहा की शुरुआत से ही हम समर्थन कर रहे हैं. हम 26 दिनों तक किसान की जमीन नहीं लेने के लिए आंदोलन किया था. कानून भी बनाया था कि जबरन जमीन नहीं लेंगे. विरोधी दल के सीएम के साथ बात करके वर्चुअल कांफ्रेंस कर सकते हैं. कोविड समाप्त होने के बाद चर्चा करेंगे. इनके आंदोलन को यूनिफॉर्म लेटर दिया जाए. कोविड से लेकर किसान, आज किसान भूखा है. जनवरी से आंदोलन चल रहा है और बात भी नहीं कर रहा है.

10 Jun 2021 01:57AM,
by: Vikash Kumar