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सीडीएस जनरल बिपिव रावत कोई 'पॉलिटिकल' कमांडर नहीं थे बल्कि उन्होनें देश के सामरिक-क्षेत्र में मिलिट्री को 'आवाज' देने का काम किया था जिसके चलते बालाकोट जैसी एयर स्ट्राइक 'न्यू-नॉर्मल' बन गई. ये मानना है भारतीय सेना की ट्रेनिंग कमान के कमांडिंग इन चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला का. आर्मी ट्रेनिंग कमान (आरट्रैक) के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला आज एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे. बेविनार का थीम था 'क्रैरिंग फॉरवर्ड द लिगेसी ऑफ सीडीएस जनरन बिपिन रावत'. इस‌ दौराव जनरल शुक्ला ने कहा कि लोग उन्हें 'पॉलिटिकल' जनरल मानने की गलती करते हैं जबकि हकीकत ये है कि उन्होनें सिविल-मिलिट्री रिलेशन्स यानि सेना और सरकार के संबंधों में एक मजबूती प्रदान की. इसका नतीजा था कि सेना देश की सामरिक-क्षेत्र में महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई. जनरल रावत की ही बदौलत मिलिट्री-डिप्लोमेसी देश की कूटनीति का हिस्सा बनी.

13 Dec 2021 02:05AM,
by: Imran Khan
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इसराइल के प्रधानमंत्री नफ़्ताली बेनेट आज संयुक्त अरब अमीरात पहुंचने वाले हैं. वह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का दौरा करने वाले पहले इसराइली प्रधानमंत्री हैं. माना जा रहा है कि अपनी यात्रा के दौरान सोमवार को वो अबू धाबी में यूएई के क्राउन प्रिंस शेख़ मोहम्मद बिन ज़ाएद से मुलाक़ात करेंगे. यूएई के लिए रवाना होने से पहले नफ़्ताली बेनेट ने कहा कि दोनों नेताओं में आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. बेनेट का यूएई दौरा ऐसे वक़्त पर हो रहा है जब ईरान के परमाणु समझौते को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है. 2015 में हुई परमाणु संधि को लेकर फिलहाल विएना में चर्चा जारी है. हाल में यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे थे. उनका दौरा इसराइल के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है. अमेरिका में डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहने के दौरान यूएई और इसराइल के बीच राजनयिक संपर्क बहाल हुए हैं. अमेरिकी पहल के तहत बहरीन, सूडान और मोरक्को भी इसराइल के साथ संबंध सामान्य करने की कोशिशें कर रहे हैं. इस कोशिश के तहत हालिया हफ़्तों में इसराइल और यूएई की कई कंपनियों के बीच समझौते हुए हैं. माना जा रहा है कि बेनेट के इस दौरे के दौरान भी कुछ समझौते हो सकते हैं.

13 Dec 2021 02:04AM,
by: Imran Khan