राजनीति

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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सरकार को ललकारते हुए कहा कि या तो सुधर जाए, नहीं तो दिल्ली भी आ सकते हैं. उन्होंने हरियाणा के शंभू बॉर्डर की तुलना पाकिस्तान बॉर्डर से की. लाव-लश्कर के साथ मेरठ कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कील कांटे लगाकर शंभू बॉर्डर के हालात ही ऐसे बना दिए हैं. राकेश टिकैत ने कहा कि किसान कई फाड़ है, इसका भी नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने ये भी कहा कि 14 मार्च को दिल्ली की कॉल है, लेकिन उस दिन ट्रैक्टर से नहीं जाएंगे. 26 और 27 फरवरी को हाइवे पर ट्रैक्टर खड़े करके विरोध जताने की को बात थी. उस पर टिकैत ने कहा कि प्रस्ताव एसकेएम को भेज दिया था और कल 40 संगठनों की बैठक है. वहां फाइनल होगा क्या करना है, लेकिन आंदोलन बड़ा होगा. सुधर जाएं, नहीं तो दिल्ली भी आ सकते है - राकेश टिकैत..

21 Feb 2024 01:03PM,
by: Vinay Jha