18 Jul 2021

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मुझे हमेशा ये कहा जाता है कि मुझे आदमी पहचानना नहीं आता है। मैं चेहरे को देख सकता हूँ,उस चेहरे के माथे पर पड़ते बल को देख सकता हूं। उसके भौ के बीच पड़ते दो सिकुड़न को देख सकता हूं।आंखों की पुतलियों के मेरी पुतलियों से न मिलाना( इसे आंखे चुराना भी कहते है) देख सकता हूँ।मैं उसके चेहरे पर मुस्कुराहट देख सकता हूं। समूचे चेहरे की भाव भंगिमा को देख सकता हूँ लेकिन उसके मस्तिष्क में क्या चल रहा है, वह व्यक्ति किस चेहरे को लेकर मेरे सामने बैठा/ खड़ा है ये कैसे समझ सकता हूँ? कहते है कि जटिल मस्तिष्क हर व्यक्ति के सामने अलग व्यक्ति खड़ा कर देता है। जैसा सामने वाला व्यक्ति व्यक्तित्व पसंद करता है मस्तिष्क वैसा ही व्यक्ति खड़ा कर देता है। आप भी देखते समझते होंगे कि अगर कोई व्यक्ति आपकी खुशामत कर रहा होता है तो आप खुश हो जाते है, महिमा मंडन किसे बुरा लगता है? आपकी कोई बुराई कर रहा होता है या आपकी कमजोरी बता रहा है या आप पर नाराज़ हो रहा है तो आपको बुरा लग जाता है । ऐसे में ये समझ पाना की सामने वाला व्यक्ति किस चेहरे को लेकर आपके सामने खड़ा/बैठा है कठिन हो जाता है।अधिकांश व्यक्ति जिनके बारे में कहा जाता है कि वे व्यक्ति समझ मे पारखी है लेकिन वे उसी चेहरे के पारखी होते है जो उसके सामने होते है, उनके सामने से अदृश्य हुए चेहरे को वे कैसे पहचाने जाएंगे?  कौन सा चेहरा, किसका देखे

18 Jul 2021 04:57AM,
by: Vikash Kumar
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नईदिल्ली। 19 अगस्त सोमवार से मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इसके लिए बैठकों का सिलसिला जारी है। आज एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी द्वारा बुलाई गई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल हो सकते है। मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलने की उम्मीदें बताई जा रही है। इससे पहले मानसून सत्र की कार्यवाही पर विचार-विमर्श करने के लिए बीजेपी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात हो चुकी है। कोविड-19 के चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तैयारियों का जायजा लिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह सत्र तूफानी हो सकता है। बढ़ती महंगाई और कोरोना टीकाकरण को लेकर विपक्ष मुद्दा उठा सकता है। बताया जा रहा है कि संसद का मानसून सत्र कोरोना प्रोटोकॉल के सभी मापदंडों को पालन करते हुए आयोजित किया जायेगा। मानसून सत्र : बैठकों का दौर जारी, पीएम मोदी भी हो सकते है शामिल

18 Jul 2021 04:36AM,
by: Anurag patel
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बिहार। एक आईएएस अधिकारी के FIR विवाद पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर विरोध जाहिर किया है। उन्होंने नीतीश कुमार को भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह भी कह डाला। इस मामलें पर तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि "शर्मनाक और निंदनीय! बिहार में एक अपर मुख्य सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को FIR दर्ज कराने के लिए तरसना पड़ रहा है। बिहार में आप गवर्नेंस की बस कल्पना करिए! ऐसे ही थोड़े ना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह कहलाए जाते है।" इस विवाद पर राष्ट्रीय जनता दल(RJD) ने भी ट्वीट किया है। इन्होंने लिखा है कि "बिहार के एक अपर मुख्य सचिव CM नीतीश कुमार और उनकी काल कोठरी के भ्रष्ट अधिकारियों के ख़िलाफ सैंकड़ों पन्नों के ठोस साक्ष्य सहित FIR दर्ज कराने थाने पहुँचे है लेकिन उनका FIR नहीं लिया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कुछ गलत नहीं किया तो फिर FIR से क्यों डरे हुए है?"

18 Jul 2021 02:52AM,
by: Anurag patel