24 Mar 2021

Generic placeholder image

बलौदाबाजार : भाटापारा तहसील के अंतर्गत हल्का नम्बर 30 ग्राम केशला के पटवारी भूमिका रानी कन्नौजे को ऋण पुस्तिका एवं नामान्तरण के एवज में रिश्वत लेने की गंभीर शिकायत पर भाटापारा एसडीएम ने हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।भाटापारा एसडीएम इंदिरा देवहारी ने बताया की सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन पर उक्त कार्रवाई की गयी है।श्रीमती भूमिका रानी कन्नौजे का अतिरिक्त प्रभार पटवारी धीरज पैकरा हल्का नम्बर 46 को दिए गए है। इसके साथ ही निलंबन के अवधि के दौरान उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा एवं उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय भाटापारा होगा। रिश्वत लेने के आरोप में पटवारी हुए निलंबित

24 Mar 2021 12:11PM,
by: Thaneshwar sahu
Generic placeholder image

रायपुर : छत्तीसगढ़ में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) श्रमिकों को 1 अप्रैल 2021 से प्रतिदिन 193 रूपए मजदूरी मिलेगी। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा मनरेगा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए राज्यवार प्रतिदिन मजदूरी की दर का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया है। मनरेगा के तहत काम करने वाले अकुशल हस्त कर्मकारों हेतु छत्तीसगढ़ के लिए 193 रूपए प्रतिदिन की मजदूरी तय की गई है। यह नई दर 1 अप्रैल 2021 से प्रभावी होंगी। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 190 रूपए मजदूरी दर निर्धारित थी। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए इसमें तीन रूपए की बढ़ोतरी की गई है।

24 Mar 2021 12:10PM,
by: Thaneshwar sahu
Generic placeholder image

राज्य शासन द्व़ारा प्रदेश के वनांचल में निवास करने वाले ग्रामीण वनोपज संग्राहकों को संग्रहित लघु वनोपज का वाजिब दाम दिलाने के उद्देश्य से 38 प्रमुख लघु वनोपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। राज्य शासन द्वारा इस दिशा में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना तथा लघु वनोपज प्रसंस्करण को बढ़ावा देने हेतु वन-धन विकास केन्द्र योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के माध्यम से किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों के जरिये लघु वनोपज खरीदी के लिए 821 संग्रहण केन्द्रों की स्थापना की गयी है। राज्य शासन ने 38 प्रमुख लघु वनोपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। इसके अलावा राज्य लघु वनोपज संघ के द्वारा 14 अन्य महत्वपूर्ण लघु वनोपज की खरीदी निर्धारित दर पर किया जा रहा है। संग्रहण केन्द्रों में संग्रहित लघु वनोपज का प्राथमिक प्रसंस्करण एवं प्रसंस्करण कार्य 139 वन-धन विकास केन्द्रों पर किया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा 38 लघु वनोपज हेतु निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत ईमली बीज सहित 36 रुपए प्रति किलोग्राम, महुआ बीज 29 रुपए, कालमेघ 35 रुपए, नागरमोथा 30 रुपए, बेलगुदा 30 रुपए, शहद 225 रुपए, महुआ फूल सूखा 30 रुपए, जामुन बीज सूखा 42 रुपए, कौंच बीज 21 रुपए, करंज बीज 22 रुपए, बायबडिंग 94 रुपए, आंवला बीज रहित 52 रुपए, फूल ईमली बीज रहित 63 रुपए, सालबीज 20 रुपए, चिरौंजी गुठली 126 रुपए, हर्रा साबुत 15 रुपए, बहेड़ा साबुत 17 रुपए, पुवाड़ चरौटा बीज 16 रुपए, गिलोय 40 रुपए, भेलवां 9 रुपए, कुसमी लाख 300 रुपए, रंगीनी लाख 220 रुपए, कुल्लू गोंद 125 रुपए, वन तुलसी बीज 16 रुपए, वन जीरा बीज 70 रुपए, ईमली बीज 11 रुपए, बहेड़ा कचरिया 20 रुपए, हर्रा कचरिया 25 रुपए, नीम बीज 27 रुपए, कुसुम बीज 23 रुपए, रीठा फल सूखा 14 रुपए, शिकाकाई फल्ली सूखा 14 रुपए, सतावर जड़ सूखा 107 रुपए, काजू गुठली 90 रुपए, मालकांगनी बीज 100 रुपए और माहुल पत्ता का 15 रुपए प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य नियत है। इसके अतिरिक्त 14 अन्य लघुवनोपज की खरीदी के लिए भी दर निर्धारित किया गया है। जिसमें कुटज छाल 12 रूपए प्रति किलोग्राम, पलाश फूल(सूखा) 10 रूपए, बेल फल 10 रूपए, सवई घास 14 रूपए, काटा झाडू 23 रूपए, जामुन फल 23 रूपए, तिखुर कंद 25 रूपए, आंवला फल 28 रूपए, पताल कुम्हड़ा 30 रूपए, इंद्र जौ (कोरिया बीज) 150 रूपए, रंगीनी लाख 220 रूपए, कुसमी लाख 300 रूपए, अश्वगंधा 325 रूपए तथा सफेद मुसली 650 रूपए प्रति किलोग्राम खरीदी दर निर्धारित है। ज्ञातव्य है कि बीजापुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 25 हाट-बाजार संग्रहण केन्द्रों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज का संग्रहण किया जा रहा है। वहीं संग्रहित लघु वनोपज का प्राथमिक प्रसंस्करण कार्य में बीजापुर, भैरमगढ़, आवापल्ली तथा भोपालपटनम के वन-धन विकास केन्द्रों से दस-दस महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जुड़ी हुई हैं।

24 Mar 2021 11:06AM,
by: Thaneshwar sahu
Generic placeholder image

दुर्ग - दुर्ग जिले में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच कलेक्टर ने मंगलवार को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया है।जिसके मुताबिक 23 मार्च से लेकर 10 अप्रैल तक सभी तरह के सार्वजनिक, राजनैतिक धरना - प्रदर्शन, जूलुस, धार्मिक, सामाजिक आयोजनों और भीड़ वाले कार्यक्रमों पर बैन लगा दिया है। वहीं शादी, अंत्येष्टि, दशगात्र कार्यक्रम में केवल 50 लोग ही शामिल हो पाएंगे। पूर्व निर्धारित और वर्तमान में होने वाले कार्यक्रम के लिए एसडीएम से अनुमति अनिवार्य कर दिया गया है। कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। आदेश दुर्ग जिले के नगरीय क्षेत्रों के लिए जारी किया गया है। कोरोना संक्रमण दुर्ग कलेक्टर ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश

24 Mar 2021 10:30AM,
by: Imran Khan