24 Jun 2021

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जात न पूछो साधु की,ये बात कह कर विद्धवान व्यक्तियों की पूछ परख का संदेश इस दुनियां को देनेवाले महान विचारक का आज जन्मदिन है। भक्तिकाल के दौर में कबीर ने तब के दौर में आज की सार्थक बात कहनेवाले कबीर ने जुलाहे के समान अलनी विचारों की ऐसी चादर बनाई जिसे जिसने ओढ़ा वह समझदार ही बना। कबीर ने अपनी बातों को कहने के लिए दो पंक्तियों को साझा करते रहे।ऐसी भाषा का उपयोग किया कि जो साधारण व्यक्ति को व्यवहारिक रूप से जीवन के मर्म को समझा सके, इसी कारण कबीर, तुलसीदास के समान ही सरल रहे,सहज रहे। उनके प्रचलित दोहे तो आज भी लोगो के जुबान पर है लेकिन कदाचित उनके बेहतरीन विचारपरक दोहे जिन्हें पढ़ने सुनने को कम मिलते है आज उनसे रूबरू होने का भी दिन मान लेते है कबीर, निर्भीक विचार के आधार स्तम्भ

24 Jun 2021 04:46AM,
by: Babuaa Desk