रायपुर

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मुझे तो एतराज है ,आपको भी होना चाहिए आज राजधानी से प्रकशित होने वाले लगभग सभी समाचारपत्रों ने एक शीर्षक :"सीएम के ........" लगाकर एक खबर प्रकाशित किया है। ये शीर्षक हर उस व्यक्ति को व्यथित करनेवाला होना चाहिए जो सामाजिक है। जिसके पिता है, भाई है, या अन्य चाचा,मामा, या अन्य रिश्ता है। यह शीर्षक हर राजनैतिक सरोकार रखने वाले को व्यथित करने वाला होना चाहिए साथ ही संविधान की जानकारी रखनेवाले अधिवक्ताओं सहित जागरूक व्यक्तियों को भी चिंता करने वाला होना चाहिए। सबसे पहले तो हमे ये समझना चाहिए कि सीएम या मुख्यमंत्री पद सामाजिक या राजनैतिक पद नही है बल्कि भारत के संविधान की धारा 163 (1) के तहत राज्यपाल को उसके कृत्यों का प्रयोग करने में सहायता औऱ सलाह देने के लिए बने मंत्री-परिषद का प्रधान पद है जिसे सीएम या मुख्यमंत्री कहा गया है। संविध में जितने भी संवैधानिक पद है उनके बारे में उनकी सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक अवधारणा का उल्लेख नही है। इस आधार पर मुख्यमंत्री पद पर आसीन व्यक्ति की सिवाय संवेधानिक पद के अलावा कोई सामाजिक अवधारणा नही की जा सकती है। इस अवधारणा से परे जाकर समाचार पत्रों में शीर्षक लगा दिया गया। मुख्यमंत्री के पिता

08 Sep 2021 05:17AM,
by: Naveen kumar sahu