रायपुर

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 बचपन छोड़ किशोरावस्था में जब लाइब्रेरी में समाकहा पत्रो,कहानी की पुस्तकों के लिए इंतजार करने की बेबसी हुआ करती थी तब आल्मारियो में करीने से रखी किताबो के शीर्षक पढ़कर समय बिताना भी एक काम हुआ करता था। इन्ही किताबो में एक किताब का शीर्षक मन को लुभाता भी था और उत्सुकता के दायरे में ले जाकर खड़ा भी करता था। ये किताब थी रसीदी टिकट।वक़्त के साथ वक़्त गुजरते गया। साहित्यिक चुल ने किताबो की संसार मे धकेला तो इस क्षेत्र के नामवर लोगो के नाम भी पता चलने लगा। इन्ही नामो में उस लेखिका का भी था जिन्होंने रसीदी टिकट लिखा था। आज उनकी 102 वी जयंती में सारा संसार याद कर रहा है। रसीदी टिकट

31 Aug 2021 06:08AM,
by: Naveen kumar sahu