Heera Motwani

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 नेपाल के पोखरा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में रायगढ़ जिले के ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 10 स्वर्ण पदक हासिल किए। 14 से 17 जून 2026 तक आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान एवं बांग्लादेश सहित छह देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। विभिन्न वर्गों में आयोजित मुकाबलों में रायगढ़ के खिलाड़ियों ने अपने कौशल और अनुशासित प्रदर्शन के दम पर स्वर्ण पदक अर्जित किए।
     अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ियों एवं उनके प्रशिक्षक का कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी द्वारा सम्मान किया गया। उन्होंने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त  बृजेश सिंह क्षत्रिय, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने कहा कि रायगढ़ के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन खेल अधोसंरचना के विकास तथा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल के साथ शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने, स्वस्थ दिनचर्या अपनाने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
       प्रतियोगिता में ताइक्वांडो खिलाड़ी निहाल ठक्कर, वसु शर्मा, रिया तिवारी, अक्षिता पाण्डेय, अनु आदित्य, अर्पिता आदित्य, मुकुंद अग्रवाल, वर्णिका अग्रवाल, वाची शर्मा एवं तनिष्क वर्मा ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए। खिलाड़ियों ने बताया कि विभिन्न देशों के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करना उनके लिए सीखने और अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मिली सफलता से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है तथा भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए नया उत्साह मिला है। कोच विकास सिंह ने खिलाड़ियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए रायगढ़ का मान बढ़ाया है। रायगढ़ : अंतर्राष्ट्रीय मंच पर चमके रायगढ़ के ताइक्वांडो खिलाड़ी

24 Jun 2026 02:45PM,
by: Heera Motwani
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 राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएस) 2025-26 में रायगढ़ एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 213 सीटों पर चयन प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी चयन सूची के अनुसार चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से आगे की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रायगढ़ एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से कुल 3509 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीयन कराया था, जिनमें से 3050 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा परिणाम में 1602 विद्यार्थी पात्र घोषित किए गए, जबकि निर्धारित कोटे के अनुसार 213 विद्यार्थियों का अंतिम चयन किया गया। इस उपलब्धि पर कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी ने रायगढ़ जिले के चयनित विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन तथा अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने के लिए शुभकामनाएं दीं। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि चयनित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के माध्यम से उनकी आगे की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त होगी। वहीं जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा रायगढ़ ने भी चयनित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए इसे गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

24 Jun 2026 02:44PM,
by: Heera Motwani
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विकास की असली तस्वीर अक्सर उन दूरस्थ बस्तियों में दिखाई देती है, जहां सुविधाएं सीमित होती हैं, लेकिन सेवा का संकल्प असीमित। रायगढ़ जिले के आदिवासी बाहुल्य धरमजयगढ़ विकासखंड के दुर्गम वनांचल क्षेत्र में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कुन्तला तिर्की ने ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। कठिन पहाड़ी रास्तों, सीमित संसाधनों और परिवहन सुविधाओं के अभाव के बावजूद उन्होंने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तक पहुंचकर न केवल उन्हें योजना की जानकारी दी, बल्कि उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया भी पूरी कराई। उनके अथक प्रयासों से 84 में से 83 महिलाओं की ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूर्ण हो सकी।
धरमजयगढ़ के कापू परियोजना अंतर्गत आने वाला खम्हार सेक्टर जिला मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित है। इसी सेक्टर के रामपुरिया आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। पहाड़ी और वन क्षेत्र से गुजरते हुए तीन से चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो और कोरवा समुदाय की आबादी वाले इस गांव में महतारी वंदन योजना के 84 हितग्राही पंजीकृत थे। योजना के तहत ई-केवाईसी पूर्ण करना आवश्यक था, लेकिन दूरस्थ भौगोलिक परिस्थितियों और तकनीकी सुविधाओं की कमी के कारण यह कार्य आसान नहीं था। ऐसे समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुन्तला तिर्की ने जिम्मेदारी को केवल सरकारी दायित्व नहीं माना, बल्कि इसे महिलाओं तक शासन की योजना पहुंचाने का मिशन बना लिया।
उन्होंने गांव-गांव जाकर महिलाओं से संपर्क किया, उन्हें ई-केवाईसी की आवश्यकता समझाई और योजना के लाभों की जानकारी दी। कई बार उन्हें हितग्राहियों के साथ पैदल लंबी दूरी तय करनी पड़ी। अनेक महिलाओं को वे स्वयं अपने साथ लेकर लगभग दस किलोमीटर दूर खम्हार तक पहुंचीं, ताकि उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो सके। जिन महिलाओं की प्रक्रिया तत्काल पूरी नहीं हो पाई, उन्हें बाद में धरमजयगढ़ ले जाकर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराईं। लगातार प्रयासों, धैर्य और समर्पण का परिणाम यह रहा कि 84 में से 83 हितग्राहियों की ई-केवाईसी समय पर पूरी हो गई। शेष एक हितग्राही के संबंध में भी आवश्यक प्रक्रिया जारी है। उन्होंने अपनी समर्पण भाव ने महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन को गति ही नहीं दी, बल्कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में शासन की योजनाओं के प्रति लोगों का विश्वास को भी मजबूत किया है।
विशेष रूप से पण्डो और कोरवा समुदाय की महिलाओं में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ी है। महिलाओं ने स्वयं आगे आकर योजना से जुड़ने में रुचि दिखाई, जिससे महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को भी बल मिला है। कुन्तला तिर्की की यह कहानी दुर्गम पहाड़ियों और कठिन रास्तों के बीच उनकी यह सेवा भावना आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है।

06 Jun 2026 03:22PM,
by: Heera Motwani
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर शिकायतों की गंभीरता और समयसीमा में निराकृत कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।                              इसी क्रम में आवेदक पिंगल कुमार बघेल (41 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 05, छाल रोड, घरघोड़ा द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र की जांच एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी द्वारा की गई। जांच के आधार पर कल आवेदक की पत्नी, साले और ससुर के विरुद्ध चोरी, धोखाधड़ी एवं आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों में थाना घरघोड़ा में अपराध दर्ज किया गया है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घरघोड़ा पुलिस ने आरोपी सीमा बघेल और उसके भाई कृष्ण कुमार यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। शिकायतकर्ता पिंगल कुमार बघेल ने बताया कि वह फेब्रिकेशन, सेंट्रिंग एवं मीडिया से संबंधित कार्य करता है। वर्ष 2008 में इसका विवाह श्रीमती सीमा यादव (सीमा बघेल) से हुआ है । व्यवसाय में आर्थिक प्रगति होने के बाद उसके ससुर भरतलाल यादव और साला कृष्ण कुमार यादव का उसके घर आना-जाना बढ़ गया। शिकायत के अनुसार वह प्रतिदिन अपने व्यवसाय से प्राप्त राशि अपनी पत्नी सीमा बघेल को सुरक्षित रखने के लिए सौंपता था। वर्ष 2014 में उसे संदेह हुआ कि व्यवसाय से प्राप्त राशि के अनुपात में घर में रकम उपलब्ध नहीं है। इस पर उसने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाकर निगरानी शुरू की। शिकायत के अनुसार फुटेज देखने पर उसे पता चला कि उसकी पत्नी बिना उसकी जानकारी के आलमारी से रकम निकालकर अपने भाई कृष्ण कुमार यादव को दे रही थी। जांच के दौरान कृष्ण कुमार यादव के बैंक खाते के लेन-देन का अवलोकन करने पर लगभग 22 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन पाए गए, जबकि वह बेरोजगार था।। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2022 में उसने तमनार क्षेत्र में अधिग्रहण योग्य भूमि खरीदने की योजना बनाई थी। उक्त भूमि पर भविष्य में करोड़ों रुपये के मुआवजे और नौकरी मिलने की संभावना थी। आरोप है कि इसी जानकारी का लाभ उठाते हुए ससुर भरतलाल यादव, साला कृष्ण कुमार यादव और पत्नी सीमा बघेल ने एक राय होकर उस पर दबाव बनाया और लगभग 13 लाख 50 हजार रुपये की भूमि सीमा बघेल के नाम पर रजिस्ट्री कराई। इसके बाद अन्य संपत्तियों को भी हड़पने के उद्देश्य से उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया । जांच में चोरी, धोखाधड़ी और गबन के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए एसडीओपी धरमजयगढ़ द्वारा की गई विस्तृत जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि आरोपीगण श्रीमती सीमा बघेल, कृष्ण कुमार यादव और भरतलाल यादव ने एक राय होकर यह कार्य किया है। प्रतिवेदन के आधार पर दिनांक 03 जून 2026 को थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 188/2026 धारा 61(2), 49, 318(4), 303(2), 316(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पत्नी और साला गिरफ्तार, एक अन्य आरोपी की तलाश जारी थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में विवेचना के दौरान दिनांक 04 जून 2026 को आरोपी सीमा बघेल (41 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 05, छाल रोड, घरघोड़ा तथा कृष्ण कुमार यादव (39 वर्ष) निवासी पैलपारा वार्ड क्रमांक 14, सारंगढ़ को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने प्रकरण से संबंधित तथ्यों के संबंध में जानकारी दी। मामले में पर्याप्त साक्ष्य एवं सबूत पाए जाने पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में नामजद एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी शेष है, जिसकी तलाश एवं गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।                                                           एसएसपी शशि मोहन सिंह                               धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र जैसे अपराधों में शामिल व्यक्ति को कानून से बचने का मौका नहीं दिया जाएगा। पीड़ितों को न्याय दिलाना और आर्थिक अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना हमारी प्राथमिकता है।

06 Jun 2026 03:21PM,
by: Heera Motwani
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 जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़ेभंडार में भारत सरकार के ज्ञानभारतम मिशन के तहत चल रहे सर्वेक्षण अभियान के दौरान एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर सामने आई है। ग्राम के नंदे परिवार द्वारा लगभग 120 वर्ष पुरानी तालपत्र पांडुलिपियों का संग्रह आज भी सुरक्षित रूप से संरक्षित किया गया है। इन दुर्लभ पांडुलिपियों के मिलने से क्षेत्र की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिली है। नंदे परिवार के संग्रह में गीता, महाभारत, नित्य पूजन पद्धति, मंगल स्तुति, हरिवंश पुराण, कार्तिक माहात्म्य, माघ माहात्म्य, लक्ष्मी पुराण एवं श्राद्ध पद्धति सहित कुल 25 महत्वपूर्ण पांडुलिपियां संरक्षित हैं।
             ज्ञानभारतम मिशन के अंतर्गत प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण हेतु किए जा रहे सर्वे के दौरान सर्वेयर  प्रेमचंद मैत्री ने ग्राम पंचायत बड़ेभंडार के सचिव के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर ग्राम निवासी  मुरलीधर नंदे एवं उनके भाई  मंगल प्रसाद नंदे के निवास पहुंचकर पांडुलिपियों का अवलोकन एवं सर्वेक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि परिवार द्वारा वर्षों से इन प्राचीन तालपत्रों को अत्यंत सावधानी एवं श्रद्धा के साथ संरक्षित किया जा रहा है। श्री मुरलीधर नंदे ने बताया कि उनके परिवार में सुरक्षित यह पांडुलिपियां उनके दादा स्वर्गीय श्री सनातन नंदे द्वारा लिखी गई थीं। तालपत्रों पर उकेरी गई इन पांडुलिपियों में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों का विस्तृत वर्णन है। परिवार द्वारा पीढ़ियों से इनका अध्ययन और संरक्षण किया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं अपने दादा से इन पांडुलिपियों का श्रवण और अध्ययन सीखा तथा वर्षों से इन्हें सुरक्षित रखने का कार्य कर रहे हैं। 
             इन तालपत्रों पर अत्यंत सुंदर एवं कलात्मक ढंग से लेखन और अंकन किया गया है, जो तत्कालीन साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समृद्धि का प्रमाण माने जा रहे हैं। परिवार द्वारा प्रतिवर्ष विजयादशमी से कुमार उत्सव पूर्णिमा तक इन पांडुलिपियों की “पोथी स्थापना” कर विधिवत पूजा-अर्चना भी की जाती है। यह परंपरा वर्षों से लगातार चली आ रही है और परिवार अपने पूर्वजों की धरोहर को आज भी उसी श्रद्धा से संजोए हुए है। सर्वेक्षण की जानकारी मिलने पर जनपद पंचायत पुसौर के विकास विस्तार अधिकारी  बृज बंधु पटेल भी ग्राम बड़ेभंडार पहुंचे। उनके साथ ग्राम पंचायत के सरपंचओमप्रकाश गुप्ता तथा राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती पुष्पांजलि दासे भी उपस्थित रहीं। सभी ने नंदे परिवार द्वारा संरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया और उनके संरक्षण कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की।
              विकास विस्तार अधिकारीबृज बंधु पटेल ने कहा कि भारत सरकार का ज्ञानभारतम मिशन देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि तालपत्र पांडुलिपियां हमारी ऐतिहासिक धरोहर की अमूल्य निधि हैं और इन्हें संरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नंदे परिवार के वर्षों से किए जा रहे संरक्षण कार्य को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे परिवारों के प्रयासों से ही भारत की प्राचीन संस्कृति और ज्ञान परंपरा जीवित बनी हुई है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भविष्य में इन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

20 May 2026 01:57PM,
by: Heera Motwani
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जूट मिल थाना क्षेत्र के संत विनोबा नगर मोहल्ले में ईसाई समुदाय की ओर से प्रार्थना करने के लिए चौक पर चर्च नुमा निर्माण किए जाने को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए जमकर बवाल काटा और उसकी बाउंड्री वाल को तुड़वा दिया परंतु फिर भी वह उस स्ट्रक्चर को तोड़ने की बात पर अड़े रहे जिसे चर्च का प्रार्थना सभा स्थल बताया जा रहा है।  मामले की जानकारी मिलते ही तहसीलदार शिवकुमार डनसेना एवं जूट मिल  पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइए देते हुए मामले को शांत कराया।  परंतु बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां से हटने को तैयार नहीं थे और उन्होंने कहा कि शासकीय जमीन पर कब्जा करके पहले छोटा चबूतरा बनाया गया अब उसे विस्तार करके बड़ा रूप दिया जा रहा है । यदि प्रशासन उक्त निर्माण को नहीं तोड़ता है तो हम जेसीबी लगाकर खुद तोड़ेंगे। 

26 Apr 2026 01:48PM,
by: Heera Motwani