Thaneshwar sahu

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लटोरी : आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी एस सिंहदेव की अध्यक्षता में ग्राम लटोरी, सूरजपुर में पेसा कानून पर परिचर्चा आयोजित की गई। इस परिचर्चा को संबोधित करते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा कि 1990 के दशक में पंचायती राज कानून बनने के बाद यह तय किया गया कि आदिवासी क्षेत्रों को विशेष संरक्षण की आवश्यकता है। भारत की संसद ने पेसा कानून के बिल को पारित किया परन्तु बिना नियमों के बना कानून केवल कागज़ के टुकड़े समान होता है, इस विषय पर गंभीरता से विचार कर कुछ राज्यों ने नियम बनाकर इसे लागू भी किया लेकिन दुर्भाग्यवश छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार इनके नियम बनाने में असमर्थ रही जिससे यह कानून प्रदेश में लागू नहीं हो पाया है। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने यह वादा किया था कि हमारी सरकार बनते ही हम नियमों को प्राथमिकता देंगे एवं पेसा कानून प्रदेश में लागू करवाएंगे, आज जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है तब हम आप सभी के बीच नियमों पर परिचर्चा करने के लिए मौजूद हैं। 

20 Dec 2020 03:22PM,
by: Thaneshwar sahu
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शहीद वीरनारायण सिंह के अमर बलिदान से हमारे प्रदेश की पहचान है। अंग्रेजों के विरुद्ध गरीब जनता के साथ संघर्ष करते हुए वे शहीद हुए। मैं उनके परिजनों से मिला। उनकी शहादत को हमारा नमन है। इस परिवार का योगदान कभी नहीं भूलाया जा सकता। शहीद वीरनारायण सिंह के परिजनों की पेंशन बढ़ाकर दस हजार रुपए मासिक किया गया है। यह बातें मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गोंड़ महासभा धमधागढ़ द्वारा आयोजित शहीद वीरनारायण सिंह बलिदान दिवस समारोह एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन के अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि शहीद वीरनारायण सिंह का बलिदान 1857 के संग्राम में अविस्मरणीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पहचान ही हमारी शक्ति है। हमने निश्चय किया कि हम अपनी समृद्ध विरासत को सभी को दिखाएं। इस क्रम में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य समारोह आयोजित करने का निश्चय किया गया। ये समारोह लोगों को बहुत अच्छा लगा। इसमें 28 राज्यों के साथ ही 6 देशों के आदिवासी कलाकारों ने हिस्सा लिया।  शहीद वीरनारायण सिंह के बलिदान से हमारी पहचान : बघेल

20 Dec 2020 02:24PM,
by: Thaneshwar sahu