रायपुर

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एक ईश्वर के रूप को आकार देकर आज़ादी की लड़ाई को संगठित करनेवाले बाल से गंगा धर औऱ उस पर भी तिलक याने बाल गंगाधर तिलक के ऋण को ये देश आज़ादी के पहले से लेकर आज तक और आनेवाले सदियों तक नही चुका पायेगा। तिलक ने सभा सम्मेलनों के लिए सार्वजनिक रूप से प्रथम पूज्य ईश्वर की स्थापना की शुरुवात की औऱ आज़ादी के मतवालों ने धर्म से डराने वालो को ही भयभीत करके रख दिया। कालांतर में इसी परम्परा ने आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यहां पर आप सभी को मानना होगा कि आजादी की लड़ाई में बाल गंगाधर तिलक की भूमिका चंद्रशेखर आजाद, सुभाषचंद्र बोस, भगतसिंह, राजगुरू, बटुकेश्वर दत्त विपिनचन्द्र पाल लाला लाजपतराय के बराबर थी जिनके प्रयासो से ये देश आजाद हुआ था। आज़ादी के बाद हर पूजा में प्रथम पूज्य के सार्वजनिक औऱ निजी स्थापना की परंपरा अनवरत जारी है। लोकमान्य और सर्वमान्य

10 Sep 2021 05:39AM,
by: Naveen kumar sahu