Kriti Dwivedi

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ग्राफ्टेड बैंगन की खेती पारंपरिक विधि की तुलना में कहीं अधिक लाभकारी है। इसमें दो अलग-अलग पौधों को जोड़कर एक नया पौधा तैयार किया जाता है, जिससे पौधे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है और उपज 20-30 प्रतिशत तक अधिक मिलती है। कठिन परिश्रम, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीक के बेहतर समन्वय से किसान किस तरह अपनी तकदीर बदल सकते हैं, इसका जीवंत उदाहरण महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोहारपार के प्रगतिशील किसान श्री नवीन साव ने पेश किया है। पारंपरिक खेती के ढर्रे से आगे बढ़ते हुए उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में ग्राफ्टेड बैगन की उन्नत खेती को अपनाया है। आज वे अपनी इस अनूठी पहल से अंचल के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।

24 May 2026 11:08AM,
by: Kriti Dwivedi
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छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और नारायणपुर के दूरस्थ वनांचलों में कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए एक बड़ा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) नारायणपुर और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले के विभिन्न विकासखंडों और सुदूर ग्रामीण अंचलों में 5 मई से 20 मई 2026 तक 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' का व्यापक आयोजन किया गया। इस 15 दिवसीय अभियान के तहत जिले के बावड़ी, करलाखा, कोडोली, कोखमेड़ा, बेनूर, इराकभट्टी, देवगांव, रेमावंड, कंदाड़ी, कुदला, महिमागवाड़ी, झारावाही, धनोरा, नेदनार, बरेहबेड़ा, नेलांगुर, पदमकोट, कुरुसनार, बासिंग, कच्चापाल, अकाबेड़ा, बोरान्ड, बोरपाल, पालकी, कस्तूरमेटा और गढ़बेंगाल सहित कुल 48 गांवों में विशेष शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।

24 May 2026 11:08AM,
by: Kriti Dwivedi