Thaneshwar sahu

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जिले में महिलाओं में आजीविका चलाने की हो रही कोशिशें उन्हें स्वावलंबी भी बना रही हैं। स्वयं सहायता समूहों में संगठित होने के बाद महिलाएं पंचसूत्र के जरिए कटघोरा विकासखण्ड के धवईपुर में जननी महिला क्लस्टर संगठन की महिलाएं आज अपने द्वारा किये जा रहे स्वनिर्मित कार्यों से स्वावलंबन की राह पकड़ आत्मनिर्भर हो रही हैं. यहां 60 महिलाएं इस संगठन से जुड़कर त्योहारों में स्वनिर्मित स्वदेशी सामानों को बनाकर अच्छी आय प्राप्त कर रहीं हैं होली, दिवाली, राक्षबन्धन तथा अन्य त्योहारों में यहां की महिलाएं आज आत्मनिर्भर हो गई है। हर साल की तरह इस बार भी होली के त्यौहार को रंगीन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। होली के खुशनुमा रंग कई बार केमिकल और मिलावट की वजह से एक बुरा अनुभव छोड़ जाते हैं। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में महिला समूहों द्वारा हर्बल गुलाल तैयार कर होली को सुरक्षित और खुशहाल बनाने की तैयारी की जा रही है। इससे महिलाओं के स्वावलंबन की राह खुलने के साथ इकोफ्रेंडली होली से लोग रंगों के साइड इफेक्ट से बचेंगे। होली पर्व में इस बार चुकंदर और भाजी के रंगों से बना हर्बल गुलाल बाजार में उपलब्ध रहेगा। कटघोरा विकासखण्ड के धवईपुर और ढेलवाडीह, अमरपुर गोठान संचालित करने वाली छै समूह की 60 महिलाएं इसे तैयार कर रही हैं। सब्जियों, फूलों की पंखुड़ियों, गुलाब जल, चंदन, खस के इत्र आदि से तैयार हो रही हर्बल गुलाल की खास बात यह है कि इसमें किसी तरह का रसायनिक सामाग्री का उपयोग नहीं किया गया। गुलाल को पालक की भाजी से हरा रंग, लाल भाजी से गुलाबी रंग, चुकंदर से लाल रंग, हल्दी से पीला रंग दिया जा रहा है। गुलाब, गेंदा, टेसु जैसे फूलों की पंखुड़ियों से भी यह महिलाएं प्रीमियम क्वालिटी का हर्बल गुलाल बना रहीं हैं। महिलाओं ने आगामी होली के त्यौहार तक अलग-अलग रंग के लगभग पांच क्विंटल हर्बल गुलाल बनाने का लक्ष्य तय किया है। अब तक दो क्विंटल गुलाल तैयार कर चुकी हैं। प्रशासन की मदद से इस गुलाल की बिक्री के लिए समूहों को कटघोरा व कोरबा सहित स्थानीय बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। धंवईपुर जननी महिला क्लस्टर संगठन की अध्यक्ष देवेश्वरी जायसवाल बताती हैं कि उन्हें और उनके जैसी लगभग 60 महिलाओं को दो चरणों में आजीविका मिशन के तहत हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण मिला है। इसमें किसी भी तरह के रासायनिक पदार्थों का उपयोग नहीं किया गया है। इसमें चेहरे में निखार के लिए हल्दी, चंदन, गुलाब जल आदि मिलाया जा रहा है। रासायनिक पदार्थों का उपयोग नहीं होने से यह गुलाल त्वचा, आंख, बाल आदि के लिए हानिकारक नहीं होगा और इसे बिना किसी चिंता के लोग होली में उपयोग कर सकेंगे। इसके साथ ही यह आसानी से शरीर से छूट भी जाएगा।

09 Mar 2021 06:59AM,
by: Thaneshwar sahu
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 रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक प्राध्यापक सूचना प्रौद्योगिकी, कम्प्यूटर साईंस, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, राजनीति शास्त्र एवं रसायन शास्त्र विषयों के 249 पदों के लिए लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों व अर्ह अभ्यर्थियों के उपलब्धता के आधार पर चिन्हांकित 493 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 31 मार्च से 17 अप्रैल तक आयोजित किया गया है। इन चिन्हांकित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन साक्षात्कार तिथि के एक दिन पूर्व दो पालियों में सवेरे 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एवं अपरान्ह 1 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। दस्तावेजों के सत्यापन में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति नही दी जाएगी। वर्गवार चयन सूची, अनुपूरक सूची जारी की गई है।

08 Mar 2021 05:29PM,
by: Thaneshwar sahu
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रायपुर : सुदूर वनांचल क्षेत्र के युवक-युवतियों को मंच प्रदान करने के उद्देष्य से जिला प्रषासन नारायणपुर द्वारा अबूझमाड़ पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता (रैंपवॉक) का आयोजन किया जा रहा है। इसके पहले आडिषन में 29 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का दूसरा आयोजन 9 मार्च को और मुख्य आयोजन 13 मार्च को माता मावली मेला के मुख्यमंच पर किया जाएगा। प्रतियोगिता में स्थानीय युवक-युवतियां पारंपरिक वेश-भूषा, परिधान एवं आभूषणों से सुसज्जित होकर भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में 18 वर्ष से कम उम्र की महिला एवं 18 वर्ष से कम उम्र के पुरूष और सीनियर वर्ग में 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिला एवं 18 वर्ष से अधिक उम्र के पुरूष शामिल हो सकते हैं। 9 मार्च को आयोजित होने वाले आडिशन के लिए प्रतिभागी सवेरे 10 से शाम 5 बजे तक पंजीयन करा सकते हैं। प्रतिभागी साधारण वेशभूषा में भी आडिशन दे सकते हैं।

08 Mar 2021 02:54PM,
by: Thaneshwar sahu