खेल

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भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 41 साल बाद ओलिंपिक के फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया. टोक्यो ओलिंपिक 2020 में अपने शानदार खेल से 49 साल बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय टीम को इस अहम मुकाबले में विश्व चैंपियन बेल्जियम ने 5-2 से शिकस्त दे दी. इसके साथ ही बेल्जियम फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई, जबकि भारतीय टीम का ओलिंपिक गोल्ड का इंतजार एक और ओलिंपिक के लिए बढ़ गया. बेल्जियम की जीत के हीरो स्टार ड्रैग फ्लिकर एलेक्जेंडर हैंड्रिक्स रहे, जिन्होंने गोल की हैट्रिक लगाई और करोड़ों भारतीयों का दिल तोड़ दिया. हालांकि, भारत का सफर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि उसके पास ब्रॉन्ज मेडल जीतने का मौका रहेगा.

03 Aug 2021 03:32AM,
by: Vikash Kumar
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भारत मे 140 करोड़ लोग है जिनमे से बामुश्किल 200 खिलाड़ी ओलंपिक में भाग लेने जाते है।बेटे भी जाते है बेटियां भी जाती है। पिछले कुछ सालों से बेटियां कमाल करते जा रही है। कर्णम मल्लेश्वरी ने भारोत्तोलन में जब पहला कांस्य पदक जीता था उसके बाद से बेटियो ने देश के परचम को अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर लहराया है। साइना नेहवाल,मेरी कॉम,साक्षी मालिक, ने कांस्य पदक जीता है लेकिन धूम मचाने वाली बेटी है तो पी वी सिंधु,। देश ने टीम खेल में हॉकी में 8 पदक जीते है लेकिन व्यक्तिगत रूप से पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में पुरुषों में केवल सुशील कुमार ने ही दो पदक जीते है। अब बेटियो में ये उपलब्धि पी वी सिंधु के पास आ गया है। सिंधु ने पिछले ओलंपिक में रजत पदक जीता था,इस बार भी वे आत्मविश्वास के साथ खेल रही थी। भाग्य ने उन्हें पिछले ओलंपिक के रिप्ले नही करने दिया वे फाइनल में नही पहुँची लेकिन देश की उम्मीदों पर जब खरा उतरने का मौका मिला तो वे खरी उतरी। उन्होंने आज वो खेल खेला जिसके लिए वे पूरी दुनियां में जानी जाती है। पदक की कीमत वो खिलाड़ी जानता है जिसे पदक नही मिलता है लेकिन पदक मिलने की खुशी पूरा देश महसूस करता है। आज पूरा देश में ही मन सिंधु की जीत के लिए वैसे ही कामना कर रहा था जितना एक दिन पहले। आज उन्होंने 140 करोड़ लोगों की उम्मीदों पर अपने आप को खरा सिद्ध कर दिया। उन्हें हम सिद्ध सिंधु का नाम देते है। आज पूरा देश जश्न मना रहा है उनकी जीत पर। वे कमाल करती है,कमाल करती रहे।   हमारी सिंधु महान

01 Aug 2021 03:12PM,
by: Babuaa Desk