रायपुर

Generic placeholder image

 रायपुर। राज्य के किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के पंजीयन के लिए कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े व योजना से मिलने वाले लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय द्वारा इस योजना की गाईडलाइन में आंशिक संशोधन किया गया है। जिसके अनुसार संयुक्त खातेदार कृषकों को पंजीयन के लिए सिर्फ स्व-घोषणा पत्र देना होगा। इसके पहले जारी गाइडलाइन के अनुसार संयुक्त खातेदार कृषकों के पंजीयन के लिए आवेदन पत्र के साथ समस्त खाताधारकों की सहमति सह-शपथ पत्र तथा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने की बाध्यता को विलोपित कर दिया गया है। संयुक्त खातेदार किसानों का पंजीयन नंबरदार के नाम से होगा। बता दें कि खरीफ वर्ष 2020-21 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए जिन किसानों ने पंजीयन कराया था, उन किसानों को योजना के तहत पंजीयन कराने की जरूरत नहीं है। खरीफ वर्ष 2020-21 में जिस रकबे से किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था, यदि वह उस रकबे में धान के बदले योजना में सम्मिलित अन्य फसल लगाता है, तो उसे योजनांतर्गत पंजीयन कराना होगा।

16 Jul 2021 08:10AM,
by: Anurag patel
Generic placeholder image

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के शिक्षा और स्वास्थ्य के तथाकथित मॉडल की सच्चाई जनता के बीच उजागर करने के लिए आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा पोल खोल मुहिम प्रारंभ की गयी है । इस मुहिम के तहत शहर से लेकर गांव के प्रत्येक आम आदमी तक यह सच्चाई दिखाई जा रही है कि कांग्रेस सरकार द्वारा जनहित की उपेक्षा करते हुए व्यक्तिविशेष को फायदा पहुचाने के उद्देश्य से आम जनता को मूलभूत सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों एवं सरकारी अस्पतालों के भवन कहीं जर्जर पड़े हैं तो कही उधार के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी की ये पोल खोल मुहिम सरकार की नाकामियों को आइना दिखाने का काम कर रही।

16 Jul 2021 04:50AM,
by: Babuaa Desk